–राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ किया मंदिर दर्शन, संयुक्त संरक्षण परियोजना का शुभारंभ
जकार्ता, 08 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर प्रम्बानन मंदिर का दौरा किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के लिए भारत-इंडोनेशिया की संयुक्त परियोजना का शुभारंभ भी किया।
‘भगवान शिव से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता है’
मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें जीवन में विभिन्न रूपों में भगवान शिव से जुड़ने का अवसर मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ और महाकाल महालोक के बाद अब प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण कार्य से जुड़ना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि प्रम्बानन भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत तथा हजारों वर्षों पुराने सभ्यतागत संबंधों का जीवंत प्रतीक है।
भारत और इंडोनेशिया मिलकर करेंगे संरक्षण कार्य
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने मंदिर परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और इंडोनेशियाई एजेंसियों की संयुक्त संरक्षण एवं पुनरुद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। यह पहल दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यूनेस्को विश्व धरोहर है प्रम्बानन मंदिर
नौवीं शताब्दी में निर्मित प्रम्बानन मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है। यह भगवान ब्रह्मा, विष्णु और शिव को समर्पित है तथा यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। वर्ष 2006 के भूकंप में मंदिर परिसर को नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद संरक्षण कार्य जारी है।

रामायण नृत्य प्रस्तुति भी देखी
दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर में रामायण पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति का भी अवलोकन किया। प्रम्बानन मंदिर की दीवारों पर रामायण के प्रसंगों की उत्कृष्ट शिल्पकारी उकेरी गई है और यहां नियमित रूप से रामायण बैले का मंचन किया जाता है।
तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरे का समापन
प्रधानमंत्री मोदी के इंडोनेशिया दौरे का यह अंतिम कार्यक्रम था। मंदिर दर्शन के बाद वह ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के लिए रवाना हुए। यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक, रणनीतिक और ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






