सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, देशभर में जारी रहेगा SIR अभियान, आधार को दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने का निर्देश

Share

–चुनाव आयोग को मिली राहत

नई दिल्ली: Supreme Court of India ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया जारी रहेगी। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत Election Commission of India को मतदाता सूची की सफाई और सत्यापन करने का अधिकार प्राप्त है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर सकता है और यह प्रक्रिया निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है।

महुआ मोइत्रा और योगेंद्र यादव की याचिका खारिज

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और योगेंद्र यादव समेत अन्य लोगों ने SIR प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि हर 20 साल के बाद मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण आवश्यक है।

मृतक, डुप्लिकेट और माइग्रेंट वोटरों को हटाने पर जोर

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि SIR अभियान का उद्देश्य मृत, डुप्लिकेट और माइग्रेंट वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सके।

आधार को दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह भी निर्देश दिया कि आधार कार्ड को पहचान संबंधी दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए।

इसके अलावा अदालत ने आयोग से कहा कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएं, उनके साथ हटाने का कारण भी सार्वजनिक किया जाए।

अपील प्रक्रिया आसान बनाने का आदेश

कोर्ट ने चुनाव आयोग को अपील प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने का भी निर्देश दिया है, ताकि किसी मतदाता को अपने अधिकारों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31