—सीबीआई की विशेष अदालत ने लगाया 25 लाख रुपये का जुर्माना, 65 गवाहों के बयान के बाद सुनाया फैसला
रांची, 29 मई । आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में Bharat Sanchar Nigam Limited (बीएसएनएल) के पूर्व तकनीकी अधिकारी राम विनोद सिंह को रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि दोषी जुर्माना राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
1983 से 2007 के बीच अर्जित की अवैध संपत्ति
मामला वर्ष 1983 से 2007 के बीच का है। इस दौरान राम विनोद सिंह हजारीबाग स्थित बीएसएनएल कार्यालय में टेलीकॉम मैकेनिकल ऑफिसर (टीएमओ) के पद पर कार्यरत थे। जांच में सामने आया कि उन्होंने अपनी ज्ञात और वैध आय से लगभग 34 लाख रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की थी।
सीबीआई जांच में हुआ खुलासा
मामले का खुलासा Central Bureau of Investigation (सीबीआई) की जांच के दौरान हुआ। इसके बाद एजेंसी ने वर्ष 2007 में राम विनोद सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
छापेमारी में मिले नकद और दस्तावेज
सीबीआई की ओर से की गई छापेमारी के दौरान 68 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा चल और अचल संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले। जांच में इन दस्तावेजों का आय के स्रोतों से मिलान किया गया, जिसमें आय और संपत्ति के बीच भारी असमानता पाई गई।
65 गवाहों के बयान के बाद अदालत ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अदालत में 65 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपों को साबित किया।
सभी पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने राम विनोद सिंह को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।






