लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जब देश सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होता है, तभी विश्व समुदाय भी उसके साथ मैत्री संबंध स्थापित करता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कमजोर के आगे कोई नहीं झुकता।
नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण
मुख्यमंत्री शनिवार को लखनऊ में दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ इस वाटिका का उद्घाटन किया।
‘अहिंसा परमो धर्मः’ का संदर्भ
योगी आदित्यनाथ ने भारतीय ऋषि परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि “अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च” का अर्थ है कि सामान्य परिस्थितियों में अहिंसा सर्वोच्च धर्म है, लेकिन जब राष्ट्र और समाज की सुरक्षा पर खतरा हो, तो आवश्यक होने पर कठोर कदम उठाना भी धर्म है।
सेना के प्रति सम्मान का आह्वान
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हर परिस्थिति—चाहे वह शून्य से नीचे तापमान हो, रेगिस्तान की गर्मी या समुद्र की चुनौती—में देश की सीमाओं की रक्षा करती है, जिससे 140 करोड़ देशवासी सुरक्षित जीवन जी पाते हैं। ऐसे में नागरिकों का कर्तव्य है कि वे सेना और वर्दीधारी बलों के प्रति सम्मान का भाव रखें।
युवाओं के लिए प्रेरणास्थल
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका युवाओं के लिए प्रेरणादायी स्थल बनेगी, जहां उन्हें भारतीय नौसेना के कार्यों और चुनौतियों की जानकारी मिलेगी। यह उन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा देगा।
सुरक्षा और विकास का संबंध
उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही विकास और जनकल्याण योजनाएं प्रभावी रूप से लागू हो सकती हैं। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर थी, लेकिन अब सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण निवेश और विकास के नए अवसर बने हैं।

कार्यक्रम में कई गणमान्य मौजूद
इस अवसर पर नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा और ब्रजलाल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।






