नई दिल्ली, 11 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। भारत मंडपम में हुई इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और कौशल विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में संघर्ष, व्यापारिक जहाजों पर हमलों तथा भारतीय नाविकों की सुरक्षा समेत प्रमुख वैश्विक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे पुतिन
रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत की अध्यक्षता में शनिवार से शुरू होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार तड़के नई दिल्ली पहुंचे। वह तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।
भारत मंडपम में अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे हुई बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
राजनीतिक और आर्थिक सहयोग की समीक्षा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल गतिशीलता और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।
दोनों नेताओं ने रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी ‘इनोप्रोम इंडिया’ के आयोजन का स्वागत किया। यह प्रदर्शनी पहली बार भारत में 9 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित की गई। नेताओं ने इसे दोनों देशों के बीच व्यापार और औद्योगिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने प्रदर्शनी का दौरा भी किया तथा वहां मौजूद प्रतिभागियों से बातचीत की।
यूक्रेन और काला सागर क्षेत्र पर भी चर्चा
बैठक में बहुपक्षीय मंचों पर भारत-रूस सहयोग, विशेष रूप से 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के संदर्भ में विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
दोनों नेताओं ने आपसी हित से जुड़े प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। इनमें पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्ष शामिल रहे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इन संघर्षों का समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी असर पड़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही संघर्षों को सुलझाने का सही रास्ता है। उन्होंने कहा कि भारत शांति के प्रयासों में सहयोग करने के लिए तैयार है।
रणनीतिक साझीदारी को और मजबूत करने पर सहमति
दोनों नेता भारत और रूस के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझीदारी’ को और मजबूत करने के प्रयास जारी रखने पर सहमत हुए। उन्होंने माना कि दोनों देशों के बीच यह साझीदारी लगातार महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ रही है और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद इसने मजबूती दिखाई है।
इस साल दूसरी बार मिले मोदी और पुतिन
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की इस साल यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त 2026 को बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे।
पुतिन ने मोदी को रूस आने का दिया निमंत्रण
विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। शिखर सम्मेलन की तारीखें दोनों देशों के बीच राजनयिक माध्यमों से आपसी सुविधा के अनुसार तय की जाएंगी।
मोदी ने पुतिन को भेंट किया ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को महान तमिल कवि तिरुवल्लुवर की कालजयी रचना ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, तिरुक्कुरल की शिक्षाओं का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद उन्हें भाषाओं और सीमाओं के पार लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बना है।






