पटना — बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और गतिशील बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर अधिकारियों का तबादला किया है। इस फेरबदल में 10 आईएएस और 11 बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शुक्रवार को जारी आदेश के बाद कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं।
सात जिलों में नए उप विकास आयुक्त
सरकार ने सात जिलों में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) की नई तैनाती की है। इन अधिकारियों को जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, जिससे स्थानीय विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।
नियुक्त अधिकारियों में शिवहर में संजय कुमार, औरंगाबाद में कुमारी अनुपम सिंह, शेखपुरा में राकेश कुमार, जहानाबाद में आदित्य कुमार पियुष, सुपौल में इंद्रवीर कुमार और मुजफ्फरपुर में निशांत सिहारा को उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है।
विभिन्न विभागों में अहम बदलाव
नगर विकास एवं आवास विभाग में संजय कुमार को अपर सचिव नियुक्त किया गया है। तकनीकी शिक्षा विभाग में मनोरंजन कुमार को निदेशक बनाया गया है। गया नगर निगम में डॉ. गगन को नया नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।
उद्योग विभाग में विदुभूषण चौधरी और मनोज कुमार को अपर सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
नालंदा सहित अन्य जगहों पर नई तैनाती
कृत्यानंद रंजन को नालंदा का नगर आयुक्त बनाया गया है। इसके अलावा कई नव-प्रोन्नत अधिकारियों को भी विभिन्न जिलों और विभागों में अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
बीपीएससी, पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण विभाग
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में हेमंत कुमार सिंह को सचिव नियुक्त किया गया है। बिहार राज्य पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में प्रदीप सिंह को जिम्मेदारी मिली है। वहीं, खाद्य प्रसंस्करण विभाग में सारा अशरफ को निदेशक बनाया गया है और शाहिद परवेज को नगर विकास विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
परिवहन और अनुमंडल स्तर पर बदलाव
बिहार प्रशासनिक सेवा के अभिषेक आनंद को पूर्णिया का जिला परिवहन पदाधिकारी बनाया गया है। कुमार गौरव को झंझारपुर का अनुमंडल पदाधिकारी और आनंद उत्सव को मुजफ्फरपुर पूर्वी अनुमंडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
इन तैनातियों से परिवहन और स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
जल्द योगदान देने का निर्देश
सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने नए पदस्थापन स्थल पर शीघ्र योगदान दें, ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए और सुचारू व्यवस्था बनी रहे।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम
यह व्यापक फेरबदल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि अनुभवी और युवा अधिकारियों के संतुलन से शासन व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।






