पटना: बिहार की सियासत में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात हो गई। हालांकि इस मुलाकात की एक तस्वीर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुलाकात हुई या महज औपचारिकता?
आरसीपी सिंह ने खुद सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा कर लिखा कि नीतीश कुमार से उनकी आत्मीय मुलाकात हुई और बातचीत भी हुई। लेकिन सामने आई तस्वीरें कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही हैं।
प्रणाम का जवाब… लेकिन दूरी बरकरार
सूत्रों के मुताबिक, आरसीपी सिंह काफी देर तक मुख्यमंत्री आवास के बाहर इंतजार करते रहे। जब नीतीश कुमार बाहर आए तो आरसीपी ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। नीतीश कुमार ने इशारों में जवाब दिया, लेकिन उनसे सीधे बातचीत किए बिना ही अन्य नेताओं से मिलने लगे और फिर अंदर चले गए।
निशांत बने ‘ब्रिज’?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस मुलाकात को संभव बनाने में नीतीश कुमार के बेटे निशांत की अहम भूमिका रही। हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन कयासों का दौर तेज है।
‘घर वापसी’ के संकेत?
इस मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह की जेडीयू में वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी इस दौरान मौजूद थे, जिससे सियासी हलचल और बढ़ गई है।
कभी थे सबसे करीबी सहयोगी
आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए और जेडीयू में राष्ट्रीय महासचिव से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर तय किया। उन्हें दो बार राज्यसभा भी भेजा गया।
रिश्तों में आई दरार
केंद्र में मंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं के रिश्तों में खटास आ गई और अंततः आरसीपी सिंह को जेडीयू छोड़ना पड़ा। इसके बाद वे बीजेपी में शामिल हुए, लेकिन वहां भी उन्हें खास जगह नहीं मिली।
जन सुराज से फिर सियासत में सक्रिय
बीजेपी से दूरी के बाद आरसीपी सिंह ने प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ का दामन थामा। हालांकि हालिया विधानसभा चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली, जिसके बाद से वे फिर से नीतीश कुमार के करीब आने की कोशिश कर रहे हैं।
आगे क्या?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक थी या फिर बिहार की सियासत में किसी बड़े बदलाव का संकेत? इसका जवाब आने वाले दिनों में साफ हो सकता है।






