रांची, 20 जून। झारखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने राज्यसभा चुनाव परिणाम को लेकर भाजपा और राजद द्वारा कांग्रेस प्रभारी तथा विधायकों पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने पूरी एकजुटता, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है।
शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कमलेश ने कहा कि लोकतंत्र में जीत और हार दोनों की संभावना रहती है। चुनाव परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहने का अर्थ यह नहीं है कि बिना किसी तथ्य और प्रमाण के कांग्रेस विधायकों की निष्ठा और प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए जाएं।
भाजपा को करना चाहिए आत्ममंथन
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को आत्ममंथन करना चाहिए कि वह किसी झारखंडी नेता या कार्यकर्ता को अपना उम्मीदवार क्यों नहीं बना सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में पैसे का खेल हुआ और झारखंडी अस्मिता की बोली लगाई गई।
महागठबंधन के छह वोट कहां गए?
कमलेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि महागठबंधन के पास 56 वोट थे, लेकिन छह वोट आखिर कहां चले गए। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास केवल 24 वोट थे, ऐसे में उन्हें अतिरिक्त छह वोट कैसे मिले।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से धोखा और विश्वासघात का मामला है। यह केवल महागठबंधन के दूसरे उम्मीदवार के साथ ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ भी विश्वासघात है, क्योंकि वे महागठबंधन के नेता हैं और उन्होंने चुनाव को लेकर पूरी रणनीति तैयार की थी।
जांच और कार्रवाई की उम्मीद
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब सभी की नजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर है। उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री पूरे मामले की जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं के साथ लगातार संपर्क में है और पूरे घटनाक्रम का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने सहयोगी दलों से सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से बचने की अपील भी की।
लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध
कमलेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी परिस्थिति में राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं करेगी। पार्टी झारखंड के लोगों के हितों, सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और राज्य के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि यह समय एक-दूसरे पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर आत्ममंथन करने और जनता के मुद्दों पर केंद्रित राजनीति करने का है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार की जीत भाजपा की कथित ‘सूटकेस राजनीति’ को फिर से उजागर करती है और साथ ही महागठबंधन को भी आत्ममंथन करने के लिए मजबूर करती है।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।






