सहरसा, 08 अगस्त — महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने प्रत्येक रेल थाना में महिला पुलिस दीदी टीम का गठन किया है। यह टीम ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएगी। सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर महिलाएं और बच्चे टोल फ्री हेल्पलाइन के माध्यम से टीम को सूचना दे सकेंगे। सूचना मिलने पर अगले स्टेशन पर महिला पुलिस दीदी टीम मदद के लिए पहुंच सकेगी।
स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को किया जागरूक
इसी अभियान के तहत सहरसा जंक्शन पर गठित महिला पुलिस दीदी टीम ने रेलवे कॉलोनी सहित विभिन्न स्कूलों का दौरा कर छात्र-छात्राओं को सुरक्षा और सतर्कता के प्रति जागरूक किया। शनिवार को टीम ने कई स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को विभिन्न तरह के अपराधों और असामाजिक गतिविधियों से बचने के उपाय बताए।
अभियान में महिला दरोगा शिल्पी कुमारी, महिला सिपाही ज्योति कुमारी, रानी कुमारी और निभा कुमारी के अलावा कांस्टेबल प्रभाकर पांडे और कमलेश कुमार मौजूद रहे। पुलिस निरीक्षक संजीव कुमार की निगरानी में जागरूकता अभियान चलाया गया।
बाल श्रम और नशाखुरानी से बचने की दी जानकारी
दीदी टीम ने छात्र-छात्राओं को बाल श्रम, देह व्यापार और नशाखुरानी गिरोह से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को बताया कि सफर के दौरान यदि किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या खतरे की आशंका नजर आए तो तत्काल इसकी सूचना ट्रेन या स्टेशन पर तैनात रेल कर्मचारियों को दें।
बड़े स्टेशनों पर बनेगा हेल्प डेस्क
महिला पुलिस दीदी टीम ने बताया कि प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर हेल्प डेस्क भी खोले जाएंगे। इन हेल्प डेस्क के माध्यम से महिलाएं और बच्चे अपनी समस्याओं की जानकारी आसानी से पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। रेलवे का उद्देश्य महिला और बाल यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान करना है।






