लखनऊ, 28 मई। उत्तर प्रदेश में गुरुवार को बकरीद (ईद-उल-अजहा) पूरे अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। मुस्लिम समाज ने मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा कर अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी। इस दौरान आगरा में मुस्लिम समाज की ओर से गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई गई।
आगरा में मुस्लिम समाज की अनोखी पहल
आगरा में ईदगाह के बाहर उत्तर प्रदेश मुस्लिम महापंचायत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तख्तियां और पोस्टर लेकर “गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करो” की मांग की।
संगठन के सरपंच नदीम नूर और अमजल कुरैशी ने कहा कि गाय देश की संस्कृति और करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है, इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह पहल हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।
शांतिपूर्ण माहौल में अदा हुई नमाज
प्रदेश के कई शहरों में मुस्लिम समाज ने पारंपरिक तरीके से बकरीद का त्योहार मनाया। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, संभल, बरेली, कानपुर और अयोध्या सहित कई जिलों में शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सख्त व्यवस्था
योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार त्योहार को लेकर पूरे प्रदेश में सख्त गाइडलाइंस लागू की गई थीं।
मुख्यमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सड़क पर नमाज पढ़ने और खुले में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी तथा किसी भी हालत में आवागमन बाधित नहीं होना चाहिए।
संवेदनशील जिलों में बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदेश के संवेदनशील जिलों में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। संभल समेत कई जिलों में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए।
ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की गई, जबकि पुलिस ने जगह-जगह फ्लैग मार्च भी निकाला।
डीजीपी और गृह विभाग ने की लगातार समीक्षा
राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव गृह की ओर से लगातार समीक्षा बैठकें कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
थानों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें यह सुनिश्चित किया गया कि शासन की गाइडलाइंस के अनुसार ही नमाज और कुर्बानी की प्रक्रिया पूरी की जाए।






