–रिकर्व मिक्स्ड टीम और पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में भारत ने जीते दो स्वर्ण पदक
अंताल्या (तुर्किये), 15 जून। भारतीय तीरंदाजी टीम ने आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। भारतीय जोड़ी धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम अनिल मोहोड ने रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में विश्व नंबर-1 दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में भी स्वर्ण पदक हासिल कर भारत को दोहरी सफलता दिलाई।
भारतीय तीरंदाजी संघ ने सोमवार को जारी बयान में इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी दी।
फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया
रिकर्व मिक्स्ड टीम फाइनल में धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम अनिल मोहोड की भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया को 5-1 से शिकस्त दी। पूरे मुकाबले में भारतीय तीरंदाजों ने आत्मविश्वास और सटीक निशानेबाजी का परिचय दिया।
फाइनल तक पहुंचने के लिए भारत ने डेनमार्क, अमेरिका और जर्मनी जैसी मजबूत टीमों को हराया था।
2021 के बाद पहली बार मिला रिकर्व मिक्स्ड टीम का स्वर्ण
यह जीत भारतीय तीरंदाजी के लिए विशेष महत्व रखती है। वर्ष 2021 के बाद पहली बार भारत ने किसी आर्चरी वर्ल्ड कप चरण में रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।
इस उपलब्धि ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय तीरंदाजी की बढ़ती ताकत को एक बार फिर साबित किया है।
धीरज ने व्यक्तिगत वर्ग में भी जीता स्वर्ण
मिक्स्ड टीम में स्वर्ण जीतने के बाद धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में भी शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने दक्षिण कोरिया के ली वू सियोक को 7-3 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
इसके साथ ही धीरज 2021 के बाद वर्ल्ड कप स्तर पर पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बन गए हैं।
भारतीय तीरंदाजी के लिए बड़ी उपलब्धि
धीरज बोम्मादेवरा का यह प्रदर्शन भारतीय तीरंदाजी के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने टीम और व्यक्तिगत दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी विश्वस्तरीय क्षमता का परिचय दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और ओलंपिक तैयारियों के लिए भारतीय टीम का मनोबल बढ़ाएगी।
खिलाड़ियों को मिली बधाइयां
भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और भारतीय तीरंदाजी के लगातार बढ़ते स्तर का परिणाम है।
वहीं संघ के मानद महासचिव वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पारदर्शी चयन प्रक्रिया और राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविरों का सकारात्मक असर अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
9 से 14 जून तक हुआ था टूर्नामेंट
गौरतलब है कि आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 का आयोजन 9 से 14 जून तक तुर्किये के अंताल्या शहर में किया गया था। प्रतियोगिता में दुनिया के शीर्ष तीरंदाजों ने हिस्सा लिया, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया।






