–पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप
खूंटी, 10 जुलाई। खूंटी सदर थाना क्षेत्र के घाघरा गांव स्थित तजना नदी पुल के नीचे शुक्रवार सुबह एक महिला और एक युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों मृतक एक ही गांव के निवासी और पड़ोसी बताए जा रहे हैं।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान लोहरदगा जिले के भंडरा थाना क्षेत्र के बड़गांई निवासी नेहा कुमारी (25) और अरुण कुमार राणा (21) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ससुराल से लौटते वक्त हुआ विवाद
परिजनों के अनुसार, नेहा कुमारी की शादी गुमला जिले के डुड़िया गांव निवासी कुंदन प्रमाणिक से हुई थी। वह अपनी बहन की शादी में शामिल होने मायके आई हुई थी।
बताया गया कि गुरुवार को वह अपने पांच वर्षीय बेटे को लाने के लिए पड़ोसी अरुण के साथ ससुराल गई थी, जहां पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ।
पुलिस से मदद मांगने का आरोप
परिजनों का कहना है कि विवाद के बाद दोनों करंज थाना पहुंचे और पुलिस से मदद मांगी, लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पीछा कर अगवा करने का आरोप
परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ससुराल से लौटते समय कुंदन प्रमाणिक अपने साथियों के साथ उनका पीछा करते हुए आया, बाइक को टक्कर मारकर गिराया और दोनों को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर ले गया।
पुल के ऊपर खून के निशान
शुक्रवार सुबह दोनों के शव तजना नदी पुल के नीचे मिले। घटनास्थल पर पुल के ऊपर खून के धब्बे मिलने से आशंका जताई जा रही है कि वारदात पुल पर ही हुई और बाद में शव नीचे फेंक दिए गए।
नेहा का शव क्षत-विक्षत अवस्था में नीचे मिला, जबकि अरुण का शव पुल किनारे नाली में पड़ा था।
मौके पर पहुंची पुलिस और एफएसएल टीम
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ मंगल सिंह जामूदा, थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह, सोयको थाना प्रभारी पी.आर. पांडेय, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए।

पिता ने लगाया हत्या का आरोप
नेहा के पिता भोला ठाकुर ने दामाद कुंदन प्रमाणिक पर हत्या का आरोप लगाया है।
उन्होंने बताया कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और नेहा ने पहले भी केस दर्ज कराया था, जो फिलहाल न्यायालय में लंबित है।
तीन साल से मायके में रह रही थी नेहा
परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही नेहा के साथ मारपीट और प्रताड़ना होती थी, जिसके कारण वह पिछले करीब तीन वर्षों से मायके में रह रही थी।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
मृतकों के परिजनों ने करंज थाना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई होती, तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
निर्दोष था अरुण, मदद करने गया था
परिजनों के मुताबिक, अरुण का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। वह सिर्फ पड़ोसी होने के नाते नेहा की मदद के लिए गया था। वह अपने पिता के साथ फर्नीचर का काम सीख रहा था।
पुलिस का बयान
पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।






