UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, पूछा- क्या परीक्षा से पहले लीक हुआ था प्रश्नपत्र? जवाबदेही तय करने की मांग

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नई दिल्ली, 17 अगस्त । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट की अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षाएं रद्द किए जाने को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका पर भी NTA से स्पष्ट जवाब देने को कहा।

राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि तीनों विषयों की परीक्षाएं जून में आयोजित हुई थीं, लेकिन करीब दो महीने बाद उन्हें रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों में गलतियां और पुराने प्रश्नों की पुनरावृत्ति सामने आने के कारण अब हजारों अभ्यर्थियों को सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी होगी।

‘गलती NTA की, सजा छात्रों को’

राहुल गांधी ने कहा कि अभ्यर्थियों ने वर्षों तक तैयारी की, आवेदन शुल्क दिया और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचकर परीक्षा दी। अब उन्हें वही प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि गलती NTA करता है, लेकिन उसका खामियाजा छात्रों को क्यों भुगतना पड़ता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा परीक्षा व्यवस्था छात्रों से उनकी मेहनत, पैसा, मानसिक ऊर्जा और आत्मविश्वास छीन रही है, जबकि उन्हें रोजगार की गारंटी नहीं मिल रही।

पेपर लीक पर NTA से मांगा जवाब

राहुल गांधी ने NTA से पूछा कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुए थे? उन्होंने कहा कि एजेंसी को इस सवाल पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने परीक्षा में गड़बड़ी की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को जवाबदेही की दिशा में पहला कदम बताते हुए कहा कि यह पर्याप्त नहीं है और NTA के नेतृत्व की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

NTA ने तीन विषयों की पुनर्परीक्षा का किया है फैसला

गौरतलब है कि NTA ने 16 अगस्त को तीन विषयों की पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। जांच समिति को प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी त्रुटियों के साथ पुराने प्रश्नों की पुनरावृत्ति समेत कई खामियां मिली थीं।

NTA के कार्यक्रम के अनुसार अंग्रेजी और वाणिज्य की पुनर्परीक्षा 9 सितंबर, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी। अभ्यर्थियों से पुनर्परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन तीन विषयों की पुनर्परीक्षा का असर बाकी 84 विषयों के परिणाम पर नहीं पड़ेगा और JRF, सहायक प्रोफेसर तथा पीएचडी प्रवेश की पात्रता से संबंधित प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।

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