कोलकाता, 17 अगस्त । पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के प्रसिद्ध तारापीठ में सोमवार तड़के एक होटल में भीषण आग लगने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने होटल ‘विदेशिनी’ के मालिक कल्याण पाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस होटल में अग्निशमन व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और आपातकालीन निकासी के इंतजामों की जांच कर रही है।
तारापीठ थाना के पास स्थित होटल में सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे आग लगी। दमकल की प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया गया है। आग की लपटें पहली और दूसरी मंजिल तक पहुंच गईं, जबकि धुआं पांचवीं मंजिल तक फैल गया।
22 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
पुलिस और दमकलकर्मियों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर होटल से 22 लोगों को बाहर निकाला। इनमें नौ लोग बेहोशी की हालत में मिले। सभी को रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। कई घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि दो लोगों का इलाज जारी है।
बंद दरवाजे को लेकर उठे सवाल
होटल में ठहरे लोगों ने आरोप लगाया कि पीछे की ओर मौजूद एक दरवाजा बंद था, जिससे आग लगने के बाद बाहर निकलने में परेशानी हुई। पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है।
वहीं, होटल मालिक कल्याण पाल ने दावा किया कि होटल में अग्निशमन व्यवस्था पर्याप्त थी और पीछे की ओर निकासी का दरवाजा मौजूद था। उनके मुताबिक, आग लगने के बाद बिजली काट दिए जाने से होटल में अंधेरा हो गया और कई लोगों को पीछे का दरवाजा नहीं मिल सका।
पुलिस अब आग लगने की वजह, अग्निशमन उपकरणों की स्थिति, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और संभावित लापरवाही समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मृतकों में वे श्रद्धालु शामिल हैं, जो श्रावण मास की सोमवारी पर तारापीठ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए विभिन्न जिलों से पहुंचे थे।






