सारण में बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए वायुसेना का बड़ा राहत अभियान, 15 उड़ानों में 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री का एयर ड्रॉप

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पटना, 03 अक्टूबर । सारण जिले के बाढ़ प्रभावित और दुर्गम इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टर लगातार एयर ड्रॉपिंग अभियान चला रहे हैं। सड़क मार्ग से संपर्क बाधित होने वाले क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों तक समय पर खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए अब तक 15 उड़ानों में 5,600 से अधिक ड्राई राशन पैकेट एयर ड्रॉप किए जा चुके हैं। इन पैकेटों के माध्यम से 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाई गई है।

यह विशेष राहत अभियान मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर संचालित किया जा रहा है।

सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल, इसलिए एयर ड्रॉपिंग का सहारा

सारण के कई इलाकों में बाढ़ और जलजमाव के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में सड़क मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

इसी को देखते हुए प्रशासन की ओर से वैकल्पिक माध्यम के रूप में हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टरों के जरिए प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री के पैकेट गिराए जा रहे हैं, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में रह रहे परिवारों तक भी राहत पहुंच सके।

15 उड़ानों में 5,600 से अधिक राशन पैकेट एयर ड्रॉप

अब तक भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टरों ने 15 उड़ानें भरकर सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 5,600 से अधिक ड्राई राशन पैकेट एयर ड्रॉप किए हैं।

इन पैकेटों में कुल 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री शामिल है। एयर ड्रॉपिंग के माध्यम से उन परिवारों तक भी आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है, जहां बाढ़ के कारण सड़क संपर्क बाधित है।

प्रशासन के अनुसार, इस व्यवस्था से प्रभावित लोगों को सामान्य आवागमन बाधित होने के बावजूद समय पर राहत उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी

आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित आबादी की जरूरत के अनुसार राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सड़क मार्ग के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रशासन का लक्ष्य है कि बाढ़ से प्रभावित हर परिवार तक जल्द से जल्द आवश्यक खाद्य एवं राहत सामग्री पहुंचाई जाए।

वायु सेना के पायलट और कर्मी निभा रहे अहम भूमिका

विशेष राहत अभियान में भारतीय वायु सेना के पायलटों और अन्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कठिन परिस्थितियों के बीच हेलिकॉप्टरों के माध्यम से राहत सामग्री को चिन्हित प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है।

एयर ड्रॉपिंग अभियान का संचालन विभिन्न टीमों द्वारा किया जा रहा है। अभियान में ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता और विंग कमांडर विशाल खत्री (गोरखपुर), स्क्वाड्रन लीडर रोहित दादरवाल और फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुणाल कलमकर (बागडोगरा) तथा फ्लाइट लेफ्टिनेंट राठौड़ भरत सिंह (बागडोगरा) की टीम शामिल है।

केंद्र और राज्य के समन्वय से राहत अभियान

बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच समन्वय के तहत राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया जा रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय कर वायु सेना की सहायता से दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की है।

इससे उन इलाकों में भी राहत पहुंचाने का रास्ता खुला है, जहां पानी भरने के कारण सड़क मार्ग से पहुंचना फिलहाल संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री ने गृह और रक्षा मंत्रालय का जताया आभार

मुख्यमंत्री ने बाढ़ की चुनौतीपूर्ण स्थिति में प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायु सेना के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संचालित किया जा रहा है।

प्रशासन की ओर से राहत अभियान को लगातार जारी रखते हुए प्रभावित परिवारों की जरूरत के अनुसार खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

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