जमुई में 8 हजार करोड़ के एथेनॉल प्लांट का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया निरीक्षण, मार्च 2027 तक पहली यूनिट शुरू होने की उम्मीद; 5 हजार रोजगार का दावा

Share

जमुई, 03 अक्टूबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को जमुई जिले के चकाई प्रखंड के उरवा गांव में निर्माणाधीन अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड के एथेनॉल प्लांट का निरीक्षण किया। करीब 8,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना को कंपनी की ओर से एशिया के बड़े एथेनॉल संयंत्रों में शामिल बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों तथा परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों से विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति पर जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मार्च 2027 तक प्लांट की पहली यूनिट शुरू किए जाने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के शुरू होने से बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

107 एकड़ में बन रहा एथेनॉल प्लांट

चकाई के उरवा गांव में करीब 107 एकड़ भूमि पर एथेनॉल प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार परियोजना में करीब 8,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

प्रस्तावित संयंत्र में अनाज आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां मक्का और चावल से प्रतिदिन करीब 7.5 लाख लीटर एथेनॉल उत्पादन का प्रस्ताव है।

हर दिन 30 हजार क्विंटल अनाज की जरूरत

कंपनी के अनुसार प्लांट के संचालन के लिए प्रतिदिन करीब 30 हजार क्विंटल अनाज की आवश्यकता होगी। परियोजना के शुरू होने के बाद बड़ी मात्रा में कच्चे माल की जरूरत स्थानीय और आसपास के कृषि क्षेत्र से पूरी होने की संभावना है।

इससे कृषि उत्पादों के लिए बाजार के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

5 हजार लोगों को रोजगार मिलने का दावा

कंपनी के अनुसार एथेनॉल प्लांट के शुरू होने के बाद करीब 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों में भी रोजगार की उम्मीद बढ़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बड़े उद्योग की स्थापना होने से स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। इससे काम की तलाश में दूसरे शहरों और राज्यों की ओर पलायन करने की मजबूरी कम हो सकती है।

चकाई को औद्योगिक हब बनाने की योजना

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार की परिकल्पना केवल एथेनॉल प्लांट तक सीमित नहीं है। उन्होंने चकाई क्षेत्र में भविष्य में स्टील हब विकसित करने की दिशा में काम करने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र की जमीन का सर्वेक्षण कर औद्योगिक विकास की संभावनाओं का आकलन किया जाए। साथ ही आवश्यक आधारभूत संरचना और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर भी विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया।

500 एकड़ जमीन का हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री के दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर के लिए चिह्नित करीब 500 एकड़ भूमि का हवाई सर्वेक्षण रहा। मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से क्षेत्र का जायजा लिया।

हवाई सर्वेक्षण के दौरान प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की संभावनाओं के साथ भूमि की उपलब्धता, सड़क एवं रेल संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी आकलन किया गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका तैयार करने के निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।

इसमें औद्योगिक इकाइयों के लिए जरूरी सड़क संपर्क, परिवहन सुविधा, भूमि की उपलब्धता और अन्य आधारभूत जरूरतों का आकलन शामिल है।

औद्योगिक निवेश बढ़ने की उम्मीद

एथेनॉल प्लांट के साथ प्रस्तावित अन्य औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने पर चकाई क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

सरकार और परियोजना से जुड़े अधिकारियों के स्तर पर निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पहली यूनिट के मार्च 2027 तक शुरू होने की उम्मीद के बीच परियोजना की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

कृषि और उद्योग के बीच जुड़ाव पर जोर

एथेनॉल उत्पादन के लिए मक्का और चावल जैसे कृषि उत्पादों के इस्तेमाल से इस परियोजना का सीधा संबंध कृषि क्षेत्र से भी है। प्रतिदिन बड़ी मात्रा में अनाज की जरूरत को देखते हुए स्थानीय कृषि उत्पादन के लिए बाजार उपलब्ध होने की संभावना है।

यदि परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ती है तो चकाई में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031