नई दिल्ली/रांची, 12 अगस्त। रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड में सियासी टकराव बढ़ता जा रहा है। बुधवार को झारखंड भाजपा के सांसदों ने प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। भाजपा सांसदों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की।
आदित्य साहू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है और छात्रों के आंदोलन को लेकर राहुल गांधी चुप हैं। उन्होंने दावा किया कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर राहुल गांधी के इशारे पर लाठीचार्ज किया गया।
आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर कार्रवाई के बावजूद कांग्रेस और राहुल गांधी चुप्पी साधे हुए हैं।
‘राहुल गांधी छात्रों से बात करें’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास तक जाने की कोशिश करते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने राहुल गांधी से झारखंड आकर छात्रों और मुख्यमंत्री से बातचीत करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से आमरण अनशन कर रहे छात्रों की स्थिति को लेकर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।
डीसी-एसपी पर भी लगाए आरोप
आदित्य साहू ने रांची के डीसी और एसपी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी रात में धरनास्थल पर जाकर बिजली काटने और छात्रों को डराने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों से सरकार का ‘एजेंट’ बनकर काम नहीं करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि आंदोलनकारी छात्रों को कोई नुकसान हुआ तो भाजपा जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन झारखंड बंद का आह्वान कर सकती है।
राहुल गांधी बोले- छात्रों के खिलाफ हिंसा के पक्ष में नहीं
इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह झारखंड के मामले पर चुप नहीं हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट रूप से कहा था कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रख चुके हैं।
छात्र आंदोलन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ती बयानबाजी के बीच अब यह मुद्दा झारखंड से निकलकर संसद तक पहुंच गया है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, सीबीआई जांच और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।





