पटना, 26 सितंबर । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को दानापुर के बाटागंज स्थित राजकीय मध्य विद्यालय रामजीचक में ‘निपुण पथ-पढ़ना, लिखना एवं गणना’ की थीम पर आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम)-2026 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद कर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, सुविधाओं, विद्यार्थियों की उपस्थिति और परीक्षा परिणाम की जानकारी ली।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना पीटीएम का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना, शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति बढ़ाना है। विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार सुविधाओं का भी विस्तार किया जाना है।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद से बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को समझने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी पता चलेगा कि किन विषयों में विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग की जरूरत है।
90 प्रतिशत से अधिक अंक का लक्ष्य रखें विद्यार्थी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और नियमित रूप से विद्यालय आएं, ताकि पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से समझ सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सातवीं और आठवीं कक्षा से ही विद्यार्थियों के करियर की मजबूत नींव तैयार होती है। इस स्तर पर की गई मेहनत आगे के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से होमवर्क करने और पाठ्यक्रम का लगातार अभ्यास करने की सलाह दी। उन्होंने मोबाइल फोन का अनावश्यक इस्तेमाल नहीं करने तथा आवश्यकता के अनुसार उसका उपयोग पढ़ाई के लिए करने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को यथासंभव विद्यालय में ही पढ़ाई को अच्छी तरह समझने का प्रयास करना चाहिए और विशेष परिस्थिति में ही कोचिंग की आवश्यकता होनी चाहिए।
कंप्यूटर शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि अगले वर्ष से सभी सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की जरूरत है।
उन्होंने दो-तीन विद्यालयों पर एक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों को नियमित रूप से कंप्यूटर शिक्षा मिल सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में करीब 700 स्थानों पर मॉडल स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षकों और लाइव क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
अभिभावकों से सुझाव देने का आग्रह
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और सुविधाओं में सुधार को लेकर सुझाव साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के सुझावों से संबंधित विद्यालय के साथ-साथ राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव को लेकर भी अभिभावकों से सुझाव देने की अपील की।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे सरकारी विद्यालय
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे विद्यार्थी आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकें।
उन्होंने विद्यालयों का संचालन प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित करने तथा शैक्षणिक व्यवस्था एवं सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
मेधावी विद्यार्थियों और अभिभावकों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन और छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। साथ ही उनके अभिभावकों को ‘पेरेंट्स ऑफ द मंथ’ के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने ‘मेरे सपनों का भारत-सेवा चित्र’ अभियान के तहत आयोजित राज्यव्यापी सेवा चित्र प्रतियोगिता का भी अवलोकन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद कर ‘विकसित भारत-2047’, सोलर एनर्जी, मेट्रो ट्रेन, रोबोट और ‘सपनों का भारत’ जैसे विषयों पर बनाए गए चित्रों के बारे में जानकारी ली तथा बच्चों की कल्पनाशीलता की सराहना की।
प्रोजेक्ट आधारित प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन
विद्यालय में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग ‘पढ़िए, समझिए, करिए, सीखिए’ पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने कक्षा सातवीं के परीक्षा परिणाम लेने पहुंचे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से भी संवाद किया।






