—ईडी का दावा— 340 अभ्यर्थियों की सिफारिश, करोड़ों की अवैध वसूली का आरोप
कोलकाता, 09 जुलाई । पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित नगरपालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मंत्री सुजीत बोस के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एजेंसी के अनुसार, करीब 250 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले में सुजीत बोस ने अकेले लगभग 20 करोड़ रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया।
बेटे और कंपनियों को भी बनाया आरोपी
ईडी ने इस मामले में सुजीत बोस के बेटे समुद्र बोस, दो निजी कंपनियों और तत्कालीन अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय को भी आरोपित किया है। मामला फिलहाल विशेष ईडी अदालत में विचाराधीन है।
340 अभ्यर्थियों की सिफारिश, लाखों की वसूली
आरोपपत्र के अनुसार, सुजीत बोस ने धन के बदले 340 अभ्यर्थियों के नाम नियुक्ति के लिए आगे बढ़ाए, जिनमें से 284 को नियुक्ति पत्र जारी किए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से औसतन छह लाख रुपये वसूले गए।
अधिकारी पर पद के दुरुपयोग का आरोप
ईडी ने आरोप लगाया है कि उस समय डायरेक्टरेट ऑफ लोकल बॉडीज के निदेशक ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को बढ़ावा दिया और इससे आर्थिक लाभ उठाया।
छापेमारी में मिले अहम दस्तावेज
यह मामला पहले शिक्षा भर्ती घोटाले की जांच के दौरान सामने आया। कारोबारी अयन शील के साल्टलेक और हुगली स्थित ठिकानों पर छापेमारी में भर्ती से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद हुए।
जांच में सामने आया कि उनकी कंपनी प्रश्नपत्र तैयार करने, ओएमआर शीट बनाने और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य कार्यों में शामिल थी।
“SB” मार्क वाले दस्तावेज से खुलासा
ईडी के अनुसार, तलाशी के दौरान “SB” अंकित कई दस्तावेज मिले, जिनसे कथित सिफारिशों का संबंध सामने आया। जांच में दक्षिण दमदम नगरपालिका की भर्ती प्रक्रिया में भी अनियमितताओं के प्रमाण मिले, जहां उस समय सुजीत बोस उपाध्यक्ष थे।
40 सिफारिशों के दस्तावेज बरामद
जांच एजेंसी को सुजीत बोस द्वारा की गई 40 सिफारिशों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। वहीं, उनके करीबी निताई दत्त के बयान में भी कथित तौर पर धन लेकर सिफारिश और नियुक्ति की बात सामने आई है।
बेटे के कारोबार में संदिग्ध लेनदेन
ईडी ने दावा किया है कि जांच के दौरान सुजीत बोस के बेटे के रेस्तरां, ढाबे और निर्माण कंपनियों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चला। कोविड-19 महामारी के दौरान हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
12,500 पन्नों की चार्जशीट, जांच जारी
विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद 11 मई को लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने इस मामले में करीब 12,500 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है।
इससे पहले कारोबारी अयन शील के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।
नोट: मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और सभी आरोप न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।






