पटना। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) 2026 के परिणामों में बिहार के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। राष्ट्रीय मेरिट सूची के टॉप-20 में बिहार के तीन छात्रों ने जगह बनाई है, जबकि इनमें से दो छात्रों ने देश के टॉप-10 में स्थान हासिल किया है।
परिणाम घोषित होने के बाद अब इन मेधावी छात्रों की निगाह देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश पर टिकी हुई है।
देशभर में बढ़ा प्रतियोगिता का स्तर
इस वर्ष सीयूईटी-यूजी परीक्षा में देशभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के आंकड़ों के अनुसार 15.68 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जबकि लगभग 11.64 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
पिछले वर्ष की तुलना में परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ने के कारण प्रतियोगिता पहले से अधिक कठिन रही। इस बार अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जबकि हिंदी माध्यम के परीक्षार्थियों की संख्या में हल्की गिरावट देखने को मिली।
श्रेयांश मिश्र ने हासिल किया देश में चौथा स्थान
जारी राष्ट्रीय मेरिट सूची के अनुसार बिहार के श्रेयांश मिश्र ने 1205.96 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंकिंग में चौथा स्थान हासिल किया है। उनकी उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि बिहार के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।
वहीं, श्रृष्टि अभिनव ने 1188.97 स्कोर के साथ देशभर में नौवां स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा शताक्षी मिश्रा ने 1184.34 अंक हासिल कर राष्ट्रीय टॉप-20 सूची में अपनी जगह बनाई।
प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में दाखिले की बढ़ी संभावना
सीयूईटी-यूजी स्कोर के आधार पर देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। ऐसे में उच्च स्कोर प्राप्त करने वाले छात्रों की दावेदारी देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में मजबूत मानी जा रही है।
छात्रों को विशेष रूप से University of Delhi, Banaras Hindu University और Jawaharlal Nehru University जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में दाखिले की बेहतर संभावना मानी जा रही है। हालांकि अंतिम चयन संबंधित विश्वविद्यालयों की कटऑफ, सीटों की उपलब्धता और काउंसिलिंग प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
लोकप्रिय कोर्सों में रहेगा कड़ा मुकाबला
विशेषज्ञों के अनुसार अर्थशास्त्र, कॉमर्स, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान और प्रबंधन जैसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में इस वर्ष भी कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। इन कोर्सों में सीमित सीटों के कारण उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी।
ऐसे में बिहार के टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्रों को इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने की बेहतर संभावना है।
अब काउंसिलिंग प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
परिणाम जारी होने के बाद अब लाखों छात्रों की तरह बिहार के अभ्यर्थी भी विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय अपनी काउंसिलिंग, सीट आवंटन और मेरिट सूची जारी करेंगे।
इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि बिहार के मेधावी छात्र देश के किन प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला हासिल कर अपनी शैक्षणिक यात्रा को नई दिशा देंगे।






