रांची। राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी क्रम में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले चार दिनों से अनशन पर बैठे थे।
सोनम वांगचुक से हुई वीडियो कॉल पर बातचीत
बुधवार को प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्रों की मांगों और आंदोलन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।सोनम वांगचुक ने देवेंद्र की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की।
सोनम वांगचुक ने अनशन को लेकर महत्वपूर्ण सलाह देते हुए कहा कि इसके कई तरीके होते हैं और इसे सुरक्षित ढंग से करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “आप कम से कम पानी, नमक और नींबू जरूर लें। यदि संभव हो तो शहद और पानी का सेवन भी किया जा सकता है। महात्मा गांधी भी अपने उपवास के दौरान जल और नमक लेते थे।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह से जल त्याग देता है, तो कुछ दिनों बाद शरीर उसका साथ देना बंद कर देता है। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य अपने जीवन को खतरे में डालना नहीं, बल्कि आत्मा को जागृत करना और सरकार को झकझोरना है।
उन्होंने बार-बार आग्रह करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य अपनी आत्मा को जगाना और सरकार की आत्मा को झकझोरना है, न कि अपने जीवन को खतरे में डालना। इसलिए मैं आपसे अपील करता हूं कि अनशन के दौरान जल का सेवन जरूर करें।”
चार दिन बाद समाप्त किया अनशन

सोनम वांगचुक से बातचीत के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने अपना चार दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया। बताया गया कि वह पिछले चार दिनों से अन्न-जल त्याग कर आंदोलन कर रहे थे।
आंदोलन जारी रहने के संकेत
छात्र चाहते हैं कि जेपीएससी, जेएसएससी और दूसरी भर्ती परीक्षाओं की जांच सीबीआई और ईडी से कराई जाए। उनका कहना है कि परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी तरह साफ और ईमानदार होनी चाहिए। कुछ अभ्यर्थियों के नंबर और चयन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। परीक्षा कराने वाली एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इन विवादों के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग ने अपनी कई परीक्षाएं अगले आदेश तक रोक दी हैं।






