पलामू, 05 अगस्त । झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का अंतिम संस्कार बुधवार सुबह पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव मरहा पथरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ।
बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी पैरोल पर शामिल
एक दिन के पैरोल पर चाईबासा जेल से बाहर आई पत्नी रिया सिन्हा और परिजनों की मौजूदगी में सुजीत सिन्हा के 12 वर्षीय पुत्र अक्षत कुमार ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ अपने पिता को मुखाग्नि दी।
भावुक कर देने वाला दृश्य
अंतिम संस्कार के दौरान पत्नी रिया सिन्हा पुलिस सुरक्षा के बीच जैसे ही पहुंचीं, वह सीधे पति के पार्थिव शरीर के पास गईं। शव को देखते ही वह खुद को संभाल नहीं सकीं और फूट-फूटकर रोने लगीं।
वहीं पुत्र अक्षत भी अपने पिता के शव से लिपटकर बिलख पड़ा। मां-बेटे के इस मार्मिक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दीं।
भारी भीड़, मातमी माहौल
गांव के कररबार नदी तट पर अंतिम संस्कार किया गया, जहां अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सुबह से ही आसपास के गांवों से लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचते रहे। पूरे इलाके में शोक का माहौल रहा।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था को देखते हुए पलामू जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। हुसैनाबाद से लेकर मरहा पथरा गांव तक भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी और पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी गई।
मुठभेड़ में हुई थी मौत
गौरतलब है कि हाल ही में जामताड़ा जिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान सुजीत सिन्हा मारा गया था। मंगलवार को उसका शव गांव लाया गया था। इसके बाद परिजनों द्वारा पत्नी की पैरोल प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया गया।
पलामू सिविल कोर्ट में कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिया सिन्हा को एक दिन का पैरोल दिया गया, जिसके बाद उन्हें चाईबासा जेल से हुसैनाबाद लाया गया।






