TRE-3 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, डॉक्टर मनीष कुमार गिरफ्तार; अब तक 296 आरोपी पकड़े गए

Share

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 के प्रश्नपत्र लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अप्राथमिकी अभियुक्त डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 27 जुलाई 2026 को मामले में मिले साक्ष्यों और जांच के दौरान सामने आई उनकी कथित संलिप्तता के आधार पर की गई।

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, डॉ. मनीष कुमार की पेपर लीक गिरोह से पहले से पहचान और दोस्ती थी। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने TRE-3 परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले उपलब्ध कराकर अभ्यर्थियों की शिक्षक भर्ती कराने की साजिश रची थी। योजना के तहत डॉ. मनीष कुमार को प्रत्येक अभ्यर्थी की सेटिंग के बदले ₹50 हजार देने का वादा किया गया था।

आरोप है कि TRE-3 परीक्षा से करीब दो से तीन दिन पहले डॉ. मनीष कुमार ने पटना से वाहन रिजर्व कर लगभग 30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग पहुंचाया था। वहां सभी अभ्यर्थियों को एक होटल में ठहराया गया, ताकि वे परीक्षा से पहले कथित रूप से उपलब्ध कराए गए प्रश्नपत्र को पढ़ सकें और परीक्षा में शामिल हो सकें। अभ्यर्थियों को हजारीबाग छोड़ने के बाद डॉ. मनीष वापस पटना लौट आए थे।

डॉ. मनीष कुमार ने वर्ष 2021 में एनएमसीएच, पटना से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। वह कैमूर जिले में चिकित्सक के पद पर कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में सरकारी सेवा से त्यागपत्र देकर पीजी की तैयारी कर रहे हैं।

इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई अब तक 296 गिरफ्तारियां कर चुकी है। EOU ने कहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने वाले गिरोहों और इससे आर्थिक लाभ लेने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। मामले के अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930