पटना: लोकसेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में राज्य में संचालित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाली बड़ी परियोजनाओं के साथ-साथ केंद्र प्रायोजित योजनाओं और राज्य योजना के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य की गति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने की तैयारियों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। संबंधित विभागों के अधिकारियों से परियोजनावार प्रगति की जानकारी ली गई और विकास कार्यों में आ रही समस्याओं तथा बाधाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए परियोजनाओं की गति बढ़ाएं और यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचे। साथ ही निर्माण और विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने पर जोर दिया गया।
निर्देश दिया गया कि जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां कार्यों में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। अधिकारियों को नियमित रूप से योजनाओं की निगरानी करने और निर्धारित समय-सीमा के अनुसार कार्य पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बड़ी विकास परियोजनाएं राज्य की आर्थिक प्रगति और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सरकार की प्राथमिकता है।
राज्य सरकार का लक्ष्य विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाते हुए समृद्ध बिहार और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करना है। बैठक के बाद अब संबंधित विभागों से परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार निगरानी रखने और तय समय में काम पूरा कराने की अपेक्षा की जा रही है।






