पटना, 24 जुलाई । बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ डे (आधे दिन की पढ़ाई) लागू करने के मुद्दे पर सरकार जल्द फैसला लेगी। बिहार विधान परिषद में शुक्रवार को उठे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस विषय पर सात दिनों के भीतर निर्णय लिया जाएगा। अंतिम फैसला लेने से पहले शिक्षकों, विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे।
विधान परिषद में उठा शनिवार को हाफ डे का मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान विधान पार्षद नवल किशोर यादव, संजीव सिंह और जीवन कुमार ने सरकार से पूछा कि सरकारी विद्यालयों में शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई व्यवस्था कब से लागू की जाएगी।
इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही इस संबंध में स्पष्ट निर्णय लिया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के प्रावधानों पर भी होगा विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार को हाफ डे व्यवस्था लागू करने से पहले नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को भी ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द बैठक कर शिक्षकों, विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों के सुझावों पर चर्चा करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल स्कूलों के समय में बदलाव करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग कर सकता है बैठक
मुख्यमंत्री के बयान के बाद माना जा रहा है कि शिक्षा विभाग जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक कर सकता है। बैठक में स्कूलों की वर्तमान व्यवस्था, विद्यार्थियों की सुविधा, शिक्षकों के सुझाव और शनिवार को होने वाली पढ़ाई के प्रभाव का आकलन किया जाएगा।
इसके बाद सरकार की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर सरकार का जोर
गौरतलब है कि बिहार सरकार सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाने की बात कह रही है। शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों के बीच शनिवार को हाफ डे का मुद्दा भी अब सरकार के विचाराधीन है।
मुख्यमंत्री के बयान से साफ है कि इस संबंध में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन अगले सात दिनों में सरकार अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।






