मोतिहारी/पूर्वी चंपारण। जिले के संग्रामपुर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में मंगलवार रात भोजन में छिपकली मिलने से अफरा-तफरी मच गई। खाना खाने के बाद कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें से छह छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
6 छात्राओं का अस्पताल में इलाज
बीमार छात्राओं में मेनका कुमारी (13), शिल्पी कुमारी (13), जहाना खातून (13), रागिनी कुमारी (17), अंशु कुमारी (13) और रूपा कुमारी (16) शामिल हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका इलाज चल रहा है।
ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. धीरज कुमार ने बताया कि सभी छात्राएं खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत स्थिर है।
“सभी बच्चियों का इलाज किया जा रहा है। फिलहाल किसी की स्थिति गंभीर नहीं है और सभी छात्राएं डॉक्टरों की निगरानी में हैं।”
भोजन में छिपकली मिलने से मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, छात्राएं रोज की तरह रात का भोजन कर रही थीं। इसी दौरान एक छात्रा की थाली में छिपकली दिखाई दी। तब तक कई छात्राएं भोजन कर चुकी थीं। इसके बाद कुछ छात्राओं को पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी।
“मेरी थाली में छिपकली मिला था। अभी पेट में दर्द है और आराम नहीं मिल रहा है।”
समय रहते रोका गया भोजन वितरण
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि छिपकली मिलने की सूचना मिलते ही तुरंत भोजन वितरण रोक दिया गया। जिन छात्राओं ने खाना खा लिया था, उन्हें एहतियातन अस्पताल भेजा गया। वार्डन के अवकाश पर होने के कारण प्रभारी शिक्षिका ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर इलाज की व्यवस्था कराई।

73 छात्राएं थीं मौजूद
विद्यालय में कुल 87 छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से घटना के समय 73 छात्राएं छात्रावास में मौजूद थीं। सूचना मिलने पर अभिभावक भी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सभी की स्थिति सामान्य बताई।
भोजन व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद विद्यालय की रसोई, भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। प्राथमिकता छात्राओं के स्वास्थ्य पर रही, जबकि अब यह पता लगाया जाएगा कि भोजन में छिपकली कैसे पहुंची। लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





