बिहार सरकार का मेगा ट्रांसफर: एक क्लिक में बड़ा फैसला—हजारों राजस्व कर्मियों की पोस्टिंग बदली, अब अमीनों की बारी

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पटना — बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इस वर्ष एक साथ 3,268 राजस्व कर्मचारियों के तबादले का रिकॉर्ड बनाया है। यह प्रक्रिया पूरी तरह कंप्यूटरीकृत और पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई। विभागीय मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल की मंजूरी के बाद इसका आधिकारिक आदेश जारी किया गया।

ऑनलाइन प्रक्रिया से बढ़ी पारदर्शिता

इस बार तबादलों के लिए ‘बिहार भूमि पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन लिए गए। पारंपरिक पैरवी प्रणाली को समाप्त करते हुए पोस्टिंग का आधार कर्मचारियों की वरीयता, घर से दूरी और मानवीय परिस्थितियों को बनाया गया।

इन मानकों को दी गई प्राथमिकता

स्थानांतरण प्रक्रिया में निम्नलिखित बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई:

  • घर से दूरी (सबसे अहम आधार)
  • महिला कर्मचारी
  • दिव्यांग कर्मचारी
  • गंभीर रूप से बीमार कर्मी
  • पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में होने की स्थिति

आंकड़ों में तबादला

  • कुल तबादले: 3,268 कर्मचारी
  • पुरुष: 3,142
  • महिला: 126

पोस्टिंग वरीयता के अनुसार:

  • पहली पसंद पर पोस्टिंग: 1,712 पुरुष, 108 महिलाएं
  • दूसरी पसंद: 380 कर्मचारी
  • तीसरी पसंद: 141 कर्मचारी
  • पड़ोसी जिले में तैनाती: करीब 880 कर्मचारी

विवादों पर लगाम की कोशिश

राजस्व विभाग में तबादलों को लेकर पहले अक्सर विवाद और पक्षपात के आरोप लगते रहे हैं। इसे समाप्त करने के लिए तकनीक आधारित इस नई डिजिटल ट्रांसफर नीति को लागू किया गया है, जिसे अधिक निष्पक्ष और भरोसेमंद बताया जा रहा है।

अब अमीनों की तैयारी

इस सफल प्रक्रिया के बाद विभाग अब अमीनों (राजस्व सर्वे कर्मियों) के तबादले भी इसी ऑनलाइन और कंप्यूटरीकृत प्रणाली के जरिए जल्द करने की योजना बना रहा है।


बिहार सरकार का यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि यह प्रणाली लगातार प्रभावी रही, तो अन्य विभागों में भी इसे लागू किया जा सकता है।

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