नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित विवादित वीडियो मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन पर तीखा हमला बोला है। गुरुग्राम में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज होने के बाद भाजपा ने आरोप लगाया कि मान ने सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि भगवंत मान ने कथित तौर पर धन का उपयोग कर एक झूठी रिपोर्ट तैयार करवाई और सिख समुदाय की भावनाओं को चुनौती दी।
वीडियो को लेकर विवाद
भाजपा के अनुसार, एक वीडियो सामने आया था जिसमें भगवंत मान कथित रूप से गुरु साहिबान के पवित्र स्वरूप का अपमान करते दिख रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सिख समुदाय में नाराजगी देखने को मिली।
अकाल तख्त का रुख
सिरसा ने दावा किया कि श्री अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया था। बाद में उन्हें कथित तौर पर गुरुद्रोही करार देते हुए सिख समुदाय से बहिष्कृत करने का आदेश जारी किया गया।
फोरेंसिक जांच पर सवाल
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि वीडियो को फर्जी साबित करने के लिए कथित तौर पर फोरेंसिक स्तर पर हेरफेर की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में इस संबंध में बैठक हुई, जिसमें वीडियो की प्रकृति बदलने का प्रयास किया गया।
विपक्ष पर भी निशाना
भाजपा ने आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने इस पूरे मामले में सच्चाई छिपाने और झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की।
निष्कर्ष
भगवंत मान से जुड़ा यह विवाद अब राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तर पर गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। मामले में लगे आरोपों की सत्यता और जांच के निष्कर्ष पर सबकी नजरें टिकी हैं।






