रांची: गोपनीय दस्तावेज लीक मामले में विधायक सरयू राय से जुड़े प्रकरण की सुनवाई एमपी/एमएलए की विशेष अदालत में हुई। मामले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी शंभू सिंह को आरोपी बनाने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की गई।
कोर्ट ने मांगा सरयू राय का जवाब
सुनवाई के दौरान अदालत ने सरयू राय को अभियोजन पक्ष की याचिका पर अपना जवाब (प्रति उत्तर) दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले के करीब चार गवाहों ने लीक हुए दस्तावेज की तस्वीर शंभू सिंह को खींचते देखा है। ऐसे में उसे आरोपी बनाना जरूरी है, ताकि मामले के तथ्यों का पूरा खुलासा हो सके।
पहले ही लिया जा चुका है संज्ञान
इससे पहले रांची की विशेष अदालत ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग से गोपनीय दस्तावेजों की चोरी और आपराधिक साजिश के आरोप में सरयू राय के खिलाफ दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लिया था।
ट्रायल जारी, कई गवाहों की गवाही पूरी
मामले में ट्रायल जारी है और अब तक अनुसंधानकर्ता सहित 12 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। आरोप पत्र में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आप्त सचिव आसिफ एकराम सहित छह गवाहों के नाम शामिल हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
जांच पूरी होने के बाद अनुसंधान पदाधिकारी सह सब-इंस्पेक्टर नागेश श्रीवास्तव ने करीब ढाई साल बाद अदालत में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) और गोपनीय दस्तावेज लीक से संबंधित धारा 30(2) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।
विवाद की पृष्ठभूमि
दरअसल, विधायक सरयू राय ने कथित रूप से गोपनीय दस्तावेज हासिल कर प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कोरोना काल में कोविड प्रोत्साहन राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर पद का दुरुपयोग कर खुद और विभाग के करीब 60 कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था।
2022 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव की ओर से मई 2022 में डोरंडा थाना में सरयू राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
आगे की कार्रवाई जारी
अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और अब सरयू राय के जवाब दाखिल करने के बाद अगली सुनवाई में आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।






