कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee ने दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में हुए विरोध प्रदर्शन और कथित हमले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन पर ईंट-पत्थर फेंके गए और उनकी जान को खतरा पहुंचाने की कोशिश की गई। साथ ही उन्होंने मामले को लेकर न्यायिक लड़ाई लड़ने की बात कही।
मृत कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे अभिषेक
अभिषेक बनर्जी मतदान के बाद हुई हिंसा में मारे गए तृणमूल कार्यकर्ता संजू के परिवार से मिलने सोनारपुर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, जो बाद में कथित धक्का-मुक्की और हमले की घटना में बदल गया।
“मेरी जान को खतरा था”
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन पर ईंट-पत्थर फेंके गए और उनके साथ मौजूद महिला सहयोगियों के साथ भी कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया।
उन्होंने कहा कि उनकी आंखों की पहले कई सर्जरी हो चुकी हैं और ऐसी स्थिति में उन पर पत्थर फेंका जाना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें नुकसान पहुंचाने की मंशा से वहां मौजूद थे।
हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि वह Calcutta High Court और Supreme Court of India तक जाएंगे ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
तृणमूल कांग्रेस ने घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताया है। पार्टी विधायक Kunal Ghosh ने कहा कि इतने लंबे समय तक हंगामा होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
अभिषेक ने भी आरोप लगाया कि विरोध के दौरान कुछ लोग घर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश कर रहे थे और मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि सूचना देने के बावजूद अतिरिक्त सुरक्षा बल पहुंचने में देरी हुई।
ममता बनर्जी के निर्देश पर पहुंचे वरिष्ठ नेता
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व मंत्री Shobhandeb Chattopadhyay और Chandrima Bhattacharya सोनारपुर पहुंचे। बताया गया कि मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के निर्देश पर उन्हें घटनास्थल का जायजा लेने भेजा गया था।
भाजपा और माकपा ने भी दी प्रतिक्रिया
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद Samik Bhattacharya ने घटना में हिंसा की निंदा करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस तैनाती से जुड़े सवालों का जवाब राज्य सरकार को देना चाहिए।
वहीं, माकपा नेता Mohammed Salim ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस जहां इसे सुनियोजित हमला बता रही है, वहीं विपक्षी दल सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेर रहे हैं।






