रांची, 28 मई । रांची सहित पूरे झारखंड में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर ईदगाहों और मस्जिदों में पहुंचकर विशेष नमाज अदा की।
मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़ी भीड़
शहर के मेन रोड स्थित जामा मस्जिद, हिंदपीढ़ी, डोरंडा, कांके, बरियातू, नामकुम, हरमू रोड, कडरू और कांटा टोली सहित कई इलाकों की मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों का पहुंचना शुरू हो गया था। ईदगाहों के बाहर भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली।
नमाज के बाद दी गई मुबारकबाद
नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इस दौरान देश और राज्य में अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी गई। लोगों ने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से मुलाकात कर त्योहार की खुशियां साझा कीं।

इमामों ने दिया भाईचारे और इंसानियत का संदेश
नमाज के दौरान इमामों ने कुर्बानी के महत्व, त्याग, इंसानियत और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बकरीद केवल कुर्बानी का पर्व नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने का भी संदेश देता है।
मौलाना असगर मिस्बाही ने देश में अमन-चैन की मांगी दुआ
रांची ईदगाह के मौलाना असगर मिस्बाही ने कहा कि हिंदुस्तान में अमन-चैन बना रहे, सभी लोग खुशहाल रहें और देश में भाईचारा कायम रहे, इसे लेकर अल्लाह से विशेष दुआ की गई है। वहीं, आम नमाजियों ने भी भारत की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत बनाए रखने की कामना की।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
बकरीद के मौके पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।

एसएसपी ने कहा- सुरक्षा के किए गए हैं कड़े इंतजाम
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि बकरीद पर्व को लेकर शहर में सुरक्षा के पुख्ता और कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों में पुलिस बलों की तैनाती की गई है।






