पटना: राजधानी पटना से सटे बाढ़ अनुमंडल स्थित उमानाथ गंगा घाट पर गुरुवार सुबह बड़ा नाव हादसा हो गया। दियारा इलाके की ओर जा रही एक छोटी डेंगी नाव गंगा नदी के बीचों-बीच असंतुलित होकर पलट गई। नाव पर करीब 15 लोग सवार थे, जो अपने खेतों से सब्जी तोड़ने जा रहे थे।
हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग नदी में लापता बताए जा रहे हैं।
स्थानीय नाविकों ने बचाई कई जिंदगियां
घटना के बाद घाट पर मौजूद स्थानीय मल्लाहों और नाविकों ने तुरंत नदी में छलांग लगाकर राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से अब तक सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
प्रशासन ने नदी से तीन शव बरामद कर लिए हैं। हादसे में बचे लोगों ने बताया कि वे खेती देखने और सब्जी तोड़ने के लिए नदी पार जा रहे थे, तभी अचानक नाव पलट गई।

SDRF और गोताखोर चला रहे सर्च ऑपरेशन
लापता लोगों की तलाश के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। गंगा में तेज बहाव को देखते हुए तलाशी अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया है।
प्रशासन को आशंका है कि तेज धारा में बहकर लापता लोग दूर तक चले गए होंगे।

मौके पर कैंप कर रहे प्रशासनिक अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ अनुमंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीओ गरिमा लोहिया और एसडीपीओ रामकृष्ण खुद राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि प्राथमिकता लापता लोगों को जल्द खोज निकालने की है।

घाट पर जुटी भारी भीड़
हादसे की खबर फैलते ही उमानाथ गंगा घाट पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मृतकों के परिजन और स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे हुए हैं। प्रशासन शवों की शिनाख्त और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में जुटा है।
ओवरलोडिंग और तेज हवा से पलटने की आशंका
प्रारंभिक जांच में नाव हादसे के पीछे ओवरलोडिंग और तेज हवा को वजह माना जा रहा है।
बाढ़ के एसडीपीओ रामकृष्ण ने कहा,
“ओवरलोड और तेज हवा की वजह से नाव पलटने की बात सामने आ रही है। हालांकि अभी जांच जारी है। तीन शव बरामद कर लिए गए हैं और अन्य लोगों की तलाश जारी है।”






