–खाताधारकों की रकम निकालने के आरोप, बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पश्चिमी सिंहभूम, 18 मई। चाईबासा कोऑपरेटिव बैंक में खाताधारकों की रकम की कथित अवैध निकासी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद हुई।
बताया गया है कि पीड़ितों ने पहले बैंक प्रबंधन और पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने शिकायतों को गंभीर मानते हुए पुलिस को मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया।
मुआवजे की राशि फर्जी तरीके से निकालने का आरोप
पहला मामला तांतनगर थाना क्षेत्र के इलीगढ़ा गांव निवासी अमृत लाल कालुंडिया से जुड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पिता स्वर्गीय मानसिंह कालुंडिया की स्वर्णरेखा परियोजना में अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की राशि फर्जी तरीके से निकाल ली गई।
शिकायत के अनुसार गांव के कुछ लोगों ने खुद को मृतक का पुत्र बताकर बैंक में फर्जी खाता खुलवाया और मुआवजे की रकम निकाल ली।
बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका
अमृत लाल कालुंडिया ने आरोप लगाया है कि पूरे मामले में बैंक कर्मियों की मिलीभगत भी हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध करने पर उन्हें धमकी दी गई।
वृद्ध महिला के खाते से पेंशन और जमा पूंजी की निकासी
दूसरा मामला चाईबासा के समीप मटकमहातु गांव की वृद्ध महिला जेमा कुई से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बैंक खाते से वृद्धावस्था पेंशन और जमा पूंजी की रकम उनकी जानकारी के बिना निकाल ली गई। शिकायत के मुताबिक जून 2022 से नवंबर 2024 के बीच लगातार खाते से निकासी होती रही।
शाखा प्रबंधक और कैशियर पर उठाए सवाल
पीड़िता ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक, कैशियर और अन्य बैंक कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद मामले को दबाने के उद्देश्य से उनके खाते में कुछ राशि जमा कराई गई थी।
बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच शुरू
दोनों मामलों में पुलिस बैंक खातों, निकासी से जुड़े दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर बैंक कर्मियों और आरोपितों से पूछताछ की जाएगी।
खाताधारकों में बढ़ी चिंता
इन घटनाओं के सामने आने के बाद बैंक के अन्य खाताधारकों में भी चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि ग्राहकों की जानकारी के बिना खातों से रकम निकाली जा सकती है, तो बैंक में जमा पूंजी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
फिलहाल मामले में पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।





