रांची, 05 मई — रांची सिविल कोर्ट में अधिवक्ता महेश तिवारी की अपील पर मंगलवार को सुनवाई हुई। प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने फिलहाल ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को निर्धारित की गई है।
अदालत में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान महेश तिवारी के पक्ष के अधिवक्ता ने विभिन्न मामलों का हवाला देते हुए सजा पर रोक लगाने की मांग की। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता अभय मिश्रा ने इसका विरोध करते हुए सजा बरकरार रखने की दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल सजा पर रोक नहीं लगाई।
क्या है मामला?
यह मामला वर्ष 2012 में झारखंड हाईकोर्ट परिसर में हुए विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि महेश तिवारी ने महिला अधिवक्ता ऋतु कुमार के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया था।
इस मामले में न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत ने महेश तिवारी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा और 19,500 रुपये का जुर्माना लगाया था।
काउंटर केस में क्या हुआ?
महेश तिवारी की ओर से दर्ज कराए गए काउंटर केस में साक्ष्य के अभाव में अदालत ने ऋतु कुमार को बरी कर दिया है।
दर्ज हुए थे दो मामले
घटना के बाद डोरंडा थाना में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज हुई थीं—
- कांड संख्या 191/2012 (ऋतु कुमार की ओर से)
- कांड संख्या 192/2012 (महेश तिवारी की ओर से)
फिलहाल इस मामले पर सभी की नजरें 16 मई की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।






