बोलीं—कामकाजी महिलाओं पर टिप्पणी करना आसान
वाराणसी। स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘सास-बहू’ वाले तंज पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि वे अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर जीतकर दिखाएं।
अमेठी जीत का दिया उदाहरण
स्मृति ईरानी ने कहा कि वह एक कामकाजी महिला हैं और राहुल गांधी की पैतृक सीट अमेठी से चुनाव जीत चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग राजनीति विरासत में पाते हैं, उन्हें मेहनत से पहचान बनाने वालों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
महिला आरक्षण पर भी साधा निशाना
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने महिला आरक्षण बिल को लेकर अखिलेश यादव के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है और इस तथ्य की जानकारी सपा प्रमुख को होनी चाहिए।
‘वोट बैंक की राजनीति’ का आरोप
स्मृति ईरानी ने सपा प्रमुख के बयानों को ‘वोट बैंक की राजनीति’ करार देते हुए कहा कि विपक्ष देश की जनता और अल्पसंख्यकों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने तीन तलाक के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर वे मुस्लिम महिलाओं के हितों के प्रति गंभीर होते, तो उस समय उनका विरोध नहीं करते।
काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन
इससे पहले स्मृति ईरानी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल सभागार में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया और मीडिया से बातचीत की। इस दौरान डॉ. नीरजा माधव, मृदुला जायसवाल, साधना वेदांती, रचना अग्रवाल, पूनम मौर्या, डॉ. आनंद प्रभा और मीना चौबे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






