Nitish Kumar के संभावित इस्तीफे से गरमाई Bihar की राजनीति; 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण की तैयारी तेज।
पटना : Nitish Kumar के नेतृत्व में बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री का मौजूदा कार्यकाल अब समाप्ति की ओर है, जिसके साथ ही राज्य में नई सियासी पटकथा लिखे जाने की तैयारी शुरू हो गई है।
नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 13 अप्रैल 2026 तक उनका कार्यकाल 144 दिनों का हो चुका है, जबकि यदि वे 14 अप्रैल को इस्तीफा देते हैं तो यह अवधि 145 दिन हो जाएगी। राजनीतिक दृष्टि से भले ही यह कार्यकाल छोटा हो, लेकिन इसका प्रभाव और महत्व काफी बड़ा माना जा रहा है।
पहले भी रहा है बेहद छोटा कार्यकाल
यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार का कार्यकाल छोटा रहा हो। इससे पहले वर्ष 2000 में उन्होंने 3 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन 10 मार्च को ही इस्तीफा देना पड़ा था। उस समय वे विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाए थे। मात्र 7 दिनों का वह कार्यकाल आज भी उनके राजनीतिक जीवन का सबसे छोटा कार्यकाल माना जाता है।
छोटे कार्यकाल के भी बड़े मायने
145 दिनों का यह कार्यकाल भले ही छोटा प्रतीत होता है, लेकिन इसके राजनीतिक संकेत गहरे हैं। नीतीश कुमार अपने रणनीतिक फैसलों और राजनीतिक संतुलन के लिए जाने जाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्यकाल आने वाले बड़े बदलाव की भूमिका तैयार कर सकता है। राजनीति में कई बार अवधि से अधिक निर्णयों का प्रभाव महत्वपूर्ण होता है।
14–15 अप्रैल पर टिकी हैं सबकी नजरें
अब पूरे Bihar की नजर 14 अप्रैल पर है, जब नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi के शामिल होने की भी संभावना है।
शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज
राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को लेकर Patna के डीएम, एसपी और एसएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। लोकभवन में आयोजित इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों को समारोह के दौरान चाक-चौबंद सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।






