पटना, 24 जुलाई। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक पंचायत में विशेष अभियान चलाकर खेल प्रतिभाओं की पहचान करेगी और उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं प्रतिस्पर्धा का मंच उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और सरकारी रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है तथा बिहार को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पटना स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में खेल विभाग की ओर से आयोजित ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत नियुक्ति-पत्र एवं खेल छात्रवृत्ति चयन-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
खिलाड़ियों के लिए शुरू हुआ नया दौर
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में खिलाड़ियों के लिए सुनहरे भविष्य का नया अध्याय शुरू हुआ है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्कृष्ट प्रतिभाओं को हर स्तर पर सम्मान और प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए गर्व का विषय है कि पहली बार किसी खिलाड़ी को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) जैसे उच्च पद पर नियुक्ति दी गई है। इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और युवा खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।
15 सितंबर से पंचायत स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 सितंबर से पूरे राज्य में पंचायत स्तर पर खेल प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत चयनित खिलाड़ियों को व्यवस्थित और आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

दो वर्षों में बने 5,000 खेल मैदान
सम्राट चौधरी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने बिहार के विभिन्न हिस्सों में 5,000 खेल मैदानों का निर्माण कराया है। इसका उद्देश्य गांव-गांव में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मोइनुल हक स्टेडियम बनेगा विश्वस्तरीय
मुख्यमंत्री ने बताया कि पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम का पुनर्विकास तेजी से किया जा रहा है और इसके संचालन की जिम्मेदारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को सौंपी गई है।
उन्होंने कहा कि लगभग 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और भविष्य में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी करेगा।
खेलों में नई पहचान बना रहा बिहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खेलों के विकास के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। नालंदा में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है। साथ ही राज्य में तीन अलग-अलग खेलों के विश्व कप स्तर के आयोजनों का सफल आयोजन हुआ, जिनमें भारतीय टीम ने खिताब भी जीते।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राष्ट्रीय खेलों में बिहार को शीर्ष राज्यों की श्रेणी में पहुंचाना है।
खिलाड़ियों को मिले नियुक्ति-पत्र
समारोह के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मुकेश कुमार और आकाश दीप को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। वहीं, एथलेटिक्स खिलाड़ी पियूष राज को पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) के पद पर नियुक्ति मिली।
इसके अलावा पांच पैरा खिलाड़ियों सहित विभिन्न खेल विधाओं के कई उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी सरकारी सेवा के नियुक्ति-पत्र सौंपे गए।
खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि भी प्रदान
खेल सम्मान योजना के तहत मुख्यमंत्री ने एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण और रजत पदक जीतने वाले सेतु मिश्रा को 37.50 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया।
इसके अलावा विभास्कर कुमार को प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर दो लाख रुपये तथा कॉमनवेल्थ यूथ शतरंज चैंपियनशिप-2026 की ब्लिट्ज स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली मरियम फातिमा को नौ लाख रुपये की पुरस्कार राशि का सांकेतिक चेक प्रदान किया गया।






