जामताड़ा। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरह गिरफ्तारी से डरकर भागने वालों में नहीं हैं।
गुरुवार को जामताड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार में हिम्मत है तो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए।
“जनता और राज्य के सम्मान के लिए हर संघर्ष को तैयार”
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वह झारखंड की जनता के हित, राज्य के सम्मान और भ्रष्टाचार के खिलाफ हर संघर्ष के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस दोनों उनके अधीन हैं, ऐसे में प्रेस में बयान देने की जरूरत क्या है।
उन्होंने कहा, “सीधे एफआईआर करवाइए, गिरफ्तार कराइए और जेल भेज दीजिए। मैं डरने वालों में नहीं हूं।”
स्वास्थ्य विभाग में अनियमितताओं का लगाया आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कैग रिपोर्ट में झारखंड के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल उपकरणों, दवाओं की खरीद और अस्पताल निर्माण कार्यों में स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों की ओर से बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी हुई है।
“गीदड़ भभकी से डरने वाला नहीं”
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कैग रिपोर्ट पर कार्रवाई करने के बजाय राज्य सरकार उन्हें गिरफ्तार करने की गीदड़ भभकी दे रही है। उन्होंने कहा कि वह ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
इरफान अंसारी ने दी थी एफआईआर की चेतावनी
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि वह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर एफआईआर दर्ज कराएंगे।
उन्होंने यह भी कहा था कि वह बाबूलाल मरांडी को एक दूरबीन भेंट करेंगे, ताकि वह साफ-साफ देख सकें कि स्वास्थ्य विभाग किस तरह काम कर रहा है।






