हेमंत सरकार लाएगी CM Dashboard 2.0, रियल टाइम मॉनिटरिंग से खत्म होगी देरी; एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म से जनता को मिलेगा वन-स्टॉप डिजिटल लाभ
रांची: झारखंड में अब सरकारी योजनाओं की प्रगति फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री की स्क्रीन पर रियल टाइम दिखाई देगी। राज्य सरकार प्रशासनिक कामकाज में बड़ा बदलाव करते हुए ‘इंटीग्रेटेड-सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ (CM Dashboard 2.0) लॉन्च करने जा रही है, जिससे योजनाओं की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
यह पहल पारंपरिक नौकरशाही की धीमी कार्यशैली को खत्म करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। नए सिस्टम के तहत हर विभाग के लिए ‘की परफॉर्मेंस इंडिकेटर’ (KPI) तय किए जाएंगे, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन की गति का सटीक आकलन हो सकेगा। प्रगति धीमी होने पर मुख्यमंत्री स्तर से सीधे हस्तक्षेप संभव होगा।
पारदर्शी शासन की ओर कदम
सरकार के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। मुख्यमंत्री एक क्लिक में सभी विभागों की स्थिति की समीक्षा कर सकेंगे, जिससे फाइलों के अटकने और देरी की समस्या पर लगाम लगेगी।
लाभार्थियों के लिए वन-स्टॉप डिजिटल सिस्टम
सरकार ‘जैप-आईटी’ के जरिए एकीकृत डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म भी सक्रिय कर रही है, जो सेंट्रल डेटा बैंक की तरह काम करेगा। इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और योजनाओं के दोहराव पर रोक लगेगी। आम लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
युवाओं को डिजिटल स्किल से जोड़ने की पहल
राज्य में झारखंड नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड की स्थापना की भी तैयारी है। इसके जरिए ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जाएगा, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।
सरकार की यह पहल झारखंड में डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देने के साथ-साथ विकास कार्यों की गति तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।






