लातेहार, 19 जुलाई। झारखंड के लातेहार जिले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी और प्रतिबंधित संगठन के रीजनल कमेटी सदस्य रविंद्र गंझू की निशानदेही पर एक एके-56 राइफल, दो मैगजीन और 90 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। हथियार चंदवा थाना क्षेत्र के बांझीटोला गांव में बरगद के पेड़ के नीचे मिट्टी में छिपाकर रखे गए थे।
रिमांड के दौरान मिली अहम जानकारी
रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि रविंद्र गंझू को 12 जुलाई को चंदवा थाना क्षेत्र के बांझीटोला गांव से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय से रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने संगठन के हथियारों के ठिकानों सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दीं।
विशेष अभियान में हथियार बरामद
डीएसपी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने रविंद्र गंझू की निशानदेही पर छापेमारी अभियान चलाया। अभियान के दौरान बरगद के पेड़ के नीचे मिट्टी में छिपाकर रखी गई एक स्वचालित एके-56 राइफल, दो मैगजीन, 90 जिंदा कारतूस और एक पाउच बरामद किया गया।
नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर रविंद्र गंझू के नेटवर्क, उसके सहयोगियों और संगठन के अन्य ठिकानों की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण सफलताएं मिलने की उम्मीद है।
150 से अधिक मामलों में था आरोपित
डीएसपी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि रविंद्र गंझू झारखंड के विभिन्न जिलों में नक्सली हिंसा, हथियारबंद हमलों और अन्य उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े 150 से अधिक मामलों में आरोपित है। उस पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की तलाश में था।
नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता
पुलिस ने रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी और उसके बाद हुई हथियारों की बरामदगी को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया है। पुलिस का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद लातेहार जिले में नक्सली नेटवर्क लगभग समाप्त हो गया है। हालांकि, शेष सक्रिय नक्सलियों की तलाश और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी है।






