रांची: राजधानी रांची से लापता हुए बच्चों करन और अर्जुन के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रांची पुलिस ने ओडिशा के पुरी से अर्जुन को सकुशल बरामद कर लिया है। जांच में सामने आया है कि जिस मामले को अपहरण समझा जा रहा था, वह दरअसल बच्चों के अपनी मर्जी से घर छोड़कर घूमने जाने का मामला था।
एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने लगातार सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। सुरागों के आधार पर पुलिस को पता चला कि बच्चे ट्रेन से ओडिशा पहुंचे थे। इसके बाद टीम पुरी पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से अर्जुन को सुरक्षित बरामद कर लिया।
पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि वह अपने भाई करन और दोस्त शिवा के साथ समुद्र देखने की इच्छा से घर से निकला था। तीनों बच्चे पुरी पहुंचकर समुद्र तट और जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र में घूमते रहे। पैसे खत्म होने के बाद उन्हें लोगों से मांगकर भोजन करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, पुरी रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस को बच्चों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाते हुए खुद को अनाथ और स्थानीय निवासी बताया, ताकि उन्हें घर वापस न भेजा जाए।
जांच के बाद स्पष्ट हो गया कि बच्चों के लापता होने के पीछे अपहरण जैसी कोई घटना नहीं थी। इस मामले ने बच्चों की गतिविधियों पर अभिभावकों की निगरानी और संवाद की आवश्यकता को भी उजागर किया है।
फिलहाल अर्जुन सुरक्षित है, जबकि उसके साथ गए करन और शिवा की तलाश जारी है। पुलिस अर्जुन से मिली जानकारी के आधार पर पुरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों बच्चों को भी जल्द सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।






