—गोंदा थाना पुलिस की कार्रवाई, एक नाबालिग निरुद्ध; फर्जी बैंक खाते और दस्तावेज बरामद
रांची, 29 मई । रांची पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। कार्रवाई Ranchi Police की गोंदा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की।
चार आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग पकड़ा गया
गिरफ्तार आरोपितों में जामताड़ा जिले के नारायणपुर निवासी काजल कुमार मंडल, रामगढ़ निवासी आनंद कुमार, बोकारो जिले के ललपनिया निवासी बिक्की और रामगढ़ के सौदागर मोहल्ला निवासी शाकिब अंसारी शामिल हैं।
फ्लैट में चल रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक Rakesh Ranjan ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि गोंदा थाना क्षेत्र के चांदनी चौक स्थित रॉक व्यू अपार्टमेंट के एक फ्लैट में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी।
सूचना के सत्यापन के बाद सदर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और गुप्त तरीके से छापेमारी की गई। इस दौरान फ्लैट से पांच संदिग्धों को पकड़ा गया।
बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपितों के पास से विभिन्न बैंकों के नाम पर बने 50 पासबुक, 26 डेबिट कार्ड, 8 चेकबुक, 13 मोबाइल फोन और 3 आधार कार्ड बरामद किए हैं।
तलाशी के दौरान कई फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग उपकरण भी मिले, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जाता था।
फर्जी दस्तावेजों से खुलते थे बैंक खाते
पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर बैंक खाते खोलते थे और उन्हीं खातों के जरिए साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
‘निखिल भैया’ देता था ट्रेनिंग
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह फ्लैट ‘निखिल भैया’ नामक व्यक्ति का है, जो कथित रूप से आरोपितों को यहां बुलाकर साइबर अपराध की ट्रेनिंग देता था।
गिरोह के सरगना की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में गोंदा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। फिलहाल गिरोह के कथित सरगना निखिल की तलाश की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन बैंक खातों के जरिए कितने लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया गया।






