लखनऊ, 20 जुलाई । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की छठी बैठक में प्रदेश की प्रमुख आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, निवेश, जनकल्याण और सेवा वितरण से जुड़ी परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में उन्होंने जीरो पॉवर्टी अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पात्र परिवारों का अंत्योदय कार्ड बनवाने और उन्हें सभी सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
विशेष टीम गठित कर बनेगा अंत्योदय कार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की एक विशेष टीम गठित की जाए, जो पात्र परिवारों की पहचान कर उनका अंत्योदय कार्ड बनवाए। इसके बाद उन्हें आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना सहित अन्य सभी पात्र योजनाओं से चरणबद्ध रूप से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का समग्र लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचना चाहिए।
12.50 लाख परिवारों का सर्वे
बैठक में बताया गया कि जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत 12.50 लाख परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है।
- लगभग 9 लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र पाए गए हैं।
- लगभग 5 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाना है।
- 6.67 लाख परिवारों के पास अभी आयुष्मान कार्ड उपलब्ध नहीं है।
- इनमें से लगभग 5 लाख लोगों का भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण हो चुका है।
- 10.60 लाख परिवारों के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण की प्रगति
बैठक में प्रदेश की प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। भूमि अधिग्रहण की स्थिति इस प्रकार बताई गई:
| परियोजना | भूमि उपलब्धता |
|---|---|
| फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे | 88.45% |
| झांसी लिंक एक्सप्रेसवे | 72.71% |
| आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे | 63% |
| जेवर लिंक एक्सप्रेसवे | 59.35% |
मुख्यमंत्री ने मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित सभी प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को 31 जुलाई तक भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विषयों में संवाद सीधे भूमिस्वामियों से स्थापित किया जाए।
लखनऊ नाइट सफारी को सुप्रीम कोर्ट से अनुमति
बैठक में बताया गया कि लखनऊ नाइट सफारी परियोजना को 15 जुलाई को उच्चतम न्यायालय से क्रियान्वयन की अनुमति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर परियोजना को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
ग्रेटर नोएडा में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब
ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि प्राप्त हो चुकी है। लॉजिस्टिक पार्क के लिए पांच कंपनियों ने पंजीकरण कराया है और आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
टेक्सटाइल पार्क और अन्य परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में विकसित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने के निर्देश दिए।
साथ ही निम्न परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई:
- उन्नाव की एक्वा ब्रिज परियोजना
- कानपुर के बिनगवां स्थित 40 एमएलडी तृतीयक उपचार संयंत्र
- पनकी ताप विद्युत संयंत्र को जलापूर्ति उपलब्ध कराने वाली परियोजना
मुख्यमंत्री ने लंबित तकनीकी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर इन परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।
फायर सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचना के विकास के साथ जनसुरक्षा से जुड़े मानकों का कठोर अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सभी शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला चिकित्सालयों तथा होटलों में वैध फायर एनओसी की समीक्षा कर जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विद्युत व्यवस्था और हाईटेंशन लाइनों की समीक्षा
बैठक में लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन एवं मैनहोल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समन्वय से ऐसे सभी स्थलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी विद्युत फीडरों का विस्तृत विश्लेषण कर बिजली आपूर्ति, राजस्व वसूली, हानि-लाभ तथा ओवरलोड की स्थिति के आधार पर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास और जिला खनन निधि
बैठक में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में भूमि अधिग्रहण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास की गति बनाए रखने के लिए प्रशासनिक निर्णयों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
उन्होंने डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड के उपयोग में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सांसद-विधायक निधि और ग्रामीण विकास
मुख्यमंत्री ने सांसद निधि एवं विधायक निधि से स्वीकृत विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने:
- ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने,
- किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ने,
- ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना समयसीमा में पूर्ण करने
पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और डिजिटल संसाधनों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है।






