कोलकाता, 20 जुलाई: दिल्ली में छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवालों का जवाब लाठीचार्ज और आंसू गैस से नहीं, बल्कि संवाद से दिया जाना चाहिए।
लोकतांत्रिक अधिकार है असहमति जताना
ममता बनर्जी ने अपने संदेश में कहा कि देश छात्रों, किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और प्रत्येक नागरिक का है। उन्होंने कहा कि असहमति व्यक्त करना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल का प्रयोग सुशासन का विकल्प नहीं हो सकता और सरकार को विरोध की आवाज सुननी चाहिए।
छात्रों और युवाओं के समर्थन में उतरीं
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मांगों और चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम में जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
युवाओं के साहस की सराहना
अपने संदेश के अंत में ममता बनर्जी ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के साहस और दृढ़ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे देश के सामने निडर होकर अपनी बात रखने का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
संसद मार्च के दौरान हुआ था प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि सोमवार को दिल्ली में संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड लगाए, आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया।
प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।






