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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘वीर सावरकर की जीवनी’ पुस्तक का किया लोकार्पण

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पटना, 28 मई। महान क्रांतिकारी और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को पटना स्थित विधान परिषद उपसभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सम्राट चौधरी शामिल हुए और उन्होंने ‘वीर सावरकर की जीवनी’ नामक पुस्तक का लोकार्पण किया।

“26-27 वर्षों तक जेल में रहकर भी अंग्रेजों से लड़ते रहे”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति एक दिन जेल जाता है तो उसे जीवनभर याद रखा जाता है, लेकिन विनायक दामोदर सावरकर 26-27 वर्षों तक जेल में रहे और वहां से भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करते रहे।

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उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति उनका त्याग, समर्पण और संघर्ष सभी को राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।

स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर की जीवनी को स्कूलों के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जा सकता है, ताकि नई पीढ़ी उनके योगदान से परिचित हो सके।

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अपराध और भ्रष्टाचार पर सरकार का रुख

सम्राट चौधरी ने बिहार में भ्रष्टाचार और अपराध के मुद्दे पर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि अपराधियों के लिए केवल बेउर जेल का दरवाजा खुला है और बिहार पुलिस “ऑपरेशन लंगड़ा” के तहत 48 घंटे के भीतर अपराधियों को पकड़ने का काम कर रही है।

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“वीर सावरकर एक विचारधारा हैं” : अवधेश नारायण सिंह

अवधेश नारायण Singh ने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर अपने आप में एक विचारधारा हैं, जिसे बिहार सहित पूरे देश को अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिहार में इस प्रकार का यह पहला कार्यक्रम है, जहां वीर सावरकर की जीवनी पर आधारित किसी पुस्तक का विमोचन हुआ है।

लेखकों का किया गया सम्मान

सभापति ने पुस्तक के लेखक अजय कुमार सिन्हा और सह-लेखक संजय कुमार सिन्हा को पुस्तक लेखन और विमोचन के लिए धन्यवाद दिया।

शिवेश कुमार ने तैयार की कार्यक्रम की रूपरेखा

कार्यक्रम की रूपरेखा शिवेश कुमार ने तैयार की थी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भीमराव अंबेडकर और विनायक दामोदर सावरकर एक-दूसरे के समर्थक और प्रशंसक थे, लेकिन अंग्रेजों और कुछ राजनीतिक लोगों ने जानबूझकर उनके बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की।

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