बेगूसराय, 19 जुलाई। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बेगूसराय स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में प्रदेश के 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) का एक साथ उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण, तकनीक आधारित और संस्कारयुक्त शिक्षा व्यवस्था विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि “बिहार पढ़ेगा, तभी बिहार आगे बढ़ेगा।”
सरकारी विद्यालयों में मिलेगा आधुनिक शिक्षण वातावरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों को निजी स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उन्होंने बताया कि शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
लाइव क्लास और ‘फिलो ऐप’ की सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को राज्य के उत्कृष्ट शिक्षकों से ऑनलाइन पढ़ाई का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने घोषणा की कि 15 अगस्त से ‘फिलो ऐप’ के जरिए लाइव और इंटरैक्टिव कक्षाएं शुरू की जाएंगी, जिससे छात्र विशेषज्ञ शिक्षकों से सीधे जुड़कर अध्ययन कर सकेंगे।
स्मार्ट क्लासरूम और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
सम्राट चौधरी ने कहा कि चयनित विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल स्टूडियो, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं तथा नीट, जेईई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिहार के विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।
चार लाख विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही दिन में 551 आदर्श विद्यालयों का उद्घाटन राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इन विद्यालयों में लगभग चार लाख विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि ये विद्यालय केवल शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि बिहार की नई शिक्षा नीति और विकसित बिहार के संकल्प की मजबूत नींव हैं।
शिक्षकों के लिए भी की अहम घोषणा
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षकों की सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि 29 जुलाई से शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पारदर्शी व्यवस्था के तहत शुरू की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि 15 जुलाई को राज्य में 211 डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की गई है तथा विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है।
बेगूसराय में बनेगा दिनकर विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जन्मभूमि बेगूसराय में उनके नाम पर एक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान उच्च शिक्षा, शोध, साहित्य और भारतीय चिंतन का प्रमुख केंद्र बनेगा।
बनेगा तिरुपति बालाजी मंदिर
सम्राट चौधरी ने बेगूसराय में 10 एकड़ भूमि पर भगवान श्री वेंकटेश्वर (तिरुपति) मंदिर के निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
सिमरिया से भागलपुर तक बनेगा मरीन ड्राइव
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिमरिया से भागलपुर तक गंगा नदी के किनारे मरीन ड्राइव का निर्माण कराया जाएगा। इससे पर्यटन, आवागमन और गंगा तट के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके पूरा होने पर बेगूसराय, मुंगेर और आसपास के क्षेत्रों से कोलकाता की दूरी लगभग पांच घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे उद्योग, व्यापार, कृषि, परिवहन और निवेश को नई गति मिलेगी।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
समारोह को केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार तथा विधायक कुंदन कुमार ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में विधायक सुरेंद्र मेहता, रजनीश कुमार, नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह, अभिषेक आनंद, विधान पार्षद सर्वेश कुमार, वरिष्ठ अधिकारी, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।






