नई दिल्ली, 05 अगस्त । जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने महबूबा मुफ्ती पर गंभीर आरोप लगाए।
गिरिराज सिंह का तीखा बयान
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती लंबे समय तक आतंकियों का साथ देती रही हैं। उन्होंने कहा कि एक समय उनकी पार्टी ने भी महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार चलाई और उन्हें सही रास्ते पर लाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं बदलीं तो उनसे अलग होने का फैसला किया गया।
5 अगस्त को बताया ऐतिहासिक दिन
केंद्रीय मंत्री ने 5 अगस्त को देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि जिस तरह 15 अगस्त और 26 जनवरी महत्वपूर्ण हैं, उसी तरह यह तारीख भी बेहद अहम है। उनके अनुसार, अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के फैसले ने सरदार वल्लभभाई पटेल के सपने और करोड़ों देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा किया।
उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद देश में ‘एक राष्ट्र, एक झंडा, एक प्रधानमंत्री और एक संविधान’ की व्यवस्था और मजबूत हुई है।
अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया था। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में विभाजित कर दिया गया था।
अलग-अलग राजनीतिक रुख
इस फैसले के बाद से 5 अगस्त को भाजपा और केंद्र सरकार समर्थक संगठन इस दिन को वर्षगांठ के रूप में मनाते हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर की कई क्षेत्रीय पार्टियां इस निर्णय का विरोध करती रही हैं और राज्य का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग करती हैं।
इसी क्रम में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर विरोध प्रदर्शन किया, जिस पर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।






