पटना: बिहार के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब मोटरसाइकिल सिर्फ निजी उपयोग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे कमाई के साधन के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। बिहार परिवहन विभाग ने बाइक के लिए कमर्शियल परमिट देने की प्रक्रिया तय कर दी है, जिससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
बाइक को मिलेगा कमर्शियल नंबर प्लेट
अब कोई भी व्यक्ति अपनी बाइक को व्यावसायिक तौर पर चला सकेगा। इसके लिए कमर्शियल नंबर प्लेट लेना होगा। यह सुविधा राज्य के सभी जिलों—शहर और गांव—में उपलब्ध होगी। इससे आने-जाने के विकल्प बढ़ेंगे और युवाओं को अतिरिक्त आय का जरिया मिलेगा।
सिर्फ 1150 रुपये में ऑल बिहार परमिट
नए नियमों के तहत बाइक के लिए ऑल बिहार कमर्शियल परमिट शुल्क करीब 1150 रुपये तय किया गया है, जिसकी वैधता पांच साल होगी। हालांकि, इन बाइकों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही प्रति किलोमीटर किराया तय कर इसकी जानकारी विभाग को देनी होगी।
अन्य वाहनों के लिए भी तय शुल्क
- ऑटो रिक्शा: 1650 रुपये (ऑल बिहार)
- सीएनजी ऑटो: 1150 रुपये
- मोटर कैब: 2150 रुपये (एक क्षेत्र), 4150 रुपये (ऑल बिहार)
- मैक्सी कैब: 3150 रुपये (एक क्षेत्र), 5150 रुपये (ऑल बिहार)
- मिनी बस: 5150 रुपये (एक क्षेत्र), 7150 रुपये (ऑल बिहार)
- बड़ी बस: 9000 रुपये (दो या अधिक क्षेत्रों के लिए)
ऐप बेस्ड बाइक टैक्सी पर भी नियम सख्त
ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवाओं में चलने वाली सभी मोटरसाइकिलों के लिए भी कमर्शियल परमिट अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए विभाग नई गाइडलाइन तैयार कर रहा है, जिसे जल्द लागू किया जा सकता है।
रजिस्ट्रेशन और जांच होगी अनिवार्य
कंपनियां भी रजिस्ट्रेशन के दौरान परमिट की जांच करेंगी और पहले से काम कर रहे चालकों से भी वैध परमिट सर्टिफिकेट मांगा जा सकता है। इसके अलावा, बाइक रेंटल सर्विस देने वालों को भी जिला परिवहन कार्यालय को जानकारी देनी होगी।
रोजगार और सुविधा दोनों में बढ़ोतरी
इस नई व्यवस्था से न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में परिवहन सुविधा भी बेहतर होगी। यह कदम राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।






