पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजधानी पटना के विकास को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार “बड़े पटना” (ग्रेटर पटना) की परिकल्पना पर काम कर रही है और भविष्य में इसकी पहचान “पाटलिपुत्र” के नाम से स्थापित की जाएगी।
हालांकि उन्होंने पटना शहर का आधिकारिक नाम बदलने की घोषणा नहीं की, बल्कि इसके विस्तार और नए स्वरूप को ऐतिहासिक पहचान से जोड़ने की बात कही।
जनकल्याण शिविर में विकास योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने फुलवारीशरीफ के नदियावां गांव में आयोजित प्रखंड सहयोग सह जनकल्याण शिविर में भाग लेते हुए विकास, कानून-व्यवस्था, उद्योग और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
“अपराधियों के लिए बिहार में जगह नहीं”
कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है और सरकार इस दिशा में कड़े कदम उठा रही है।
‘ग्रेटर पटना’ की अवधारणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रही है, जिससे राजधानी का स्वरूप बदलेगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस विस्तारित शहरी क्षेत्र को “पाटलिपुत्र” के नाम से पहचान देने की योजना है, ताकि ऐतिहासिक गौरव भी सामने आ सके।
जलजमाव समस्या पर भी किया उल्लेख
अपने नगर विकास मंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले पटना के कई इलाकों, खासकर कंकड़बाग में जलजमाव बड़ी समस्या थी, जिस पर अब लगातार काम किया जा रहा है।
किसानों के लिए मुआवजे की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाएगी, जिससे किसानों को अधिक मुआवजा मिल सके और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिले।
जरूरतमंद परिवारों को त्वरित सहायता
उन्होंने बताया कि आपदा, संकट या शादी-विवाह जैसी परिस्थितियों में जरूरतमंद परिवारों को तत्काल सहायता देने के लिए जिलाधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं।
उद्योग और रोजगार पर फोकस
सीएम ने कहा कि नए टाउनशिप और उद्योगों के विस्तार से राज्य में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बजट वृद्धि को बताया विकास का संकेत
अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले बिहार का बजट करीब 6 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसे उन्होंने राज्य की प्रगति का प्रमाण बताया।
महिलाओं की सुरक्षा पर सख्ती
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी और हालिया मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री के इस बयान को राजधानी के विकास और उसके ऐतिहासिक पुनर्परिचय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।






