कोलकाता, 24 जुलाई। प्रसिद्ध गायक अरिजीत सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े आंदोलन और उस दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सोशल मीडिया में की गई अपनी टिप्पणी को लेकर सफाई दी है। शुरुआती पोस्ट पर ट्रोलिंग और आलोचना के बाद उन्होंने एक्स पर विस्तृत बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य न तो पुलिस का विरोध करना था और न ही सीजेपी आंदोलन का समर्थन करना।
भावनात्मक प्रतिक्रिया में किया था पोस्ट
अरिजीत सिंह ने कहा कि वह सीजेपी के समर्थक नहीं हैं और उनका मानना है कि यह आंदोलन अब पूरी तरह निष्पक्ष नहीं रह गया है। उन्होंने बताया कि घटना का वीडियो देखने के बाद वह भावनात्मक रूप से विचलित हो गए थे और उसी आवेश में उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया साझा कर दी थी।
उन्होंने कहा कि बाद में जब उन्हें अपनी टिप्पणी की गंभीरता का एहसास हुआ तो उन्होंने तत्काल अपनी पोस्ट संपादित कर दी।
पुलिस अपना कर्तव्य निभा रही थी
गायक ने स्वीकार किया कि अब उन्हें लगता है कि उस समय पुलिस परिस्थितियों के अनुरूप अपना कर्तव्य निभा रही थी। इसी कारण उन्होंने अपनी पूर्व टिप्पणी वापस ले ली।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह की हिंसा या हिंसक गतिविधियों में शामिल छात्रों का समर्थन नहीं करते।
निर्दोष लोगों के प्रति जताई चिंता
अरिजीत सिंह ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता उन सामान्य नागरिकों और छात्रों को लेकर है, जो किसी भी हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं थे, लेकिन कथित तौर पर मारपीट का शिकार हुए।
उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों के साथ हिंसा किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है और ऐसी घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं।
संवाद से निकल सकता था समाधान
गायक ने सवाल उठाया कि क्या हालात पूरी तरह बिगड़ने से पहले बातचीत और आपसी संवाद के माध्यम से समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सकता था।
उन्होंने कहा कि यदि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग समय रहते पहल करते तो संभव है कि स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
अफवाहों से बिगड़ते हैं हालात
अरिजीत सिंह ने कहा कि भारत में कई बार विरोध-प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले लेते हैं और ऐसे मौकों पर असामाजिक एवं अवसरवादी तत्व भी भीड़ का हिस्सा बन जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाहें और भ्रामक सूचनाएं तेजी से फैलती हैं, जिससे हालात और अधिक बिगड़ सकते हैं। ऐसे में प्रशासन को पहले से सतर्क रहते हुए संवाद और समन्वय के माध्यम से स्थिति संभालने का प्रयास करना चाहिए।
‘मैं भी एक सामान्य इंसान हूं’
अपने बयान के अंत में अरिजीत सिंह ने कहा कि उनकी राय से सभी लोग सहमत हों, यह जरूरी नहीं है। उन्होंने लिखा कि वह भी एक सामान्य इंसान हैं और उन्होंने जो कुछ कहा, वह अपनी मानवीय संवेदनाओं और घटनाक्रम से उपजे दुख के आधार पर कहा।
उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन करना नहीं, बल्कि निर्दोष लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करना था।






